नीमच सिटी थाना क्षेत्र के एक गाँव में एक युवती ने अपने पड़ोसी गोविंद बंजारा पर घर में घुसकर छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद युवती और उसके परिजनों ने पुलिस पर शिकायत में हेरफेर करने और बयान फाड़ने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने मंगलवार शाम को पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई। युवती के अनुसार, यह घटना सोमवार रात को हुई थी जब वह और उसकी छोटी बहन घर पर अकेली थीं। इसी दौरान पड़ोसी गोविंद बंजारा उनके घर में घुस आया और युवती के साथ छेड़छाड़ व मारपीट की। पीड़िता और उसके परिजनों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बाद जब वे शिकायत दर्ज कराने थाने पहुँचे, तो संबंधित पुलिस अधिकारी दयाल हाड़ा ने उनकी बताई हुई वास्तविक घटना को छोड़कर अपनी मर्जी से एक आवेदन तैयार किया और उन पर हस्ताक्षर करवा लिए। युवती ने बताया कि जब उसने बाद में आवेदन पढ़ा, तो उसमें घटना का विवरण पूरी तरह से अलग था, लेकिन अधिकारी ने उसकी बात नहीं सुनी।अगले दिन सुबह, पुलिस अधिकारी ने उन्हें स्थानीय चौकी बुलाया, जहाँ रात में लिखा गया आवेदन फाड़ दिया गया। इसके बाद एक नया आवेदन तैयार कर उन पर फिर से हस्ताक्षर करवा लिए गए, जो वास्तविक घटना से मेल नहीं खा रहा था। युवती ने पुलिस अधिकारी पर आरोपी पक्ष से मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। पीड़िता के पिता के नीमच पहुँचने के बाद उन्होंने सीधे एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए सिटी थाना प्रभारी पुष्पा चौहान ने बताया कि युवती और उसके माता-पिता को थाने बुलाया गया है। युवती के बयान के आधार पर मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी चौहान ने यह भी बताया कि आरोपी की तलाश में टीमें भेज दी गई हैं। इसके साथ ही, आवेदन में किसने और किस तरह की हेरफेर की है, इसकी भी गहन जांच की जाएगी।


