छतरपुर के परा गांव की युवती गुड़िया पटेल ने एक महिला तहसीलदार पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है। गुड़िया के अनुसार, उन्होंने मैडम से कहा कि वे एक महीने और चार हफ्तों से खाद लेने आ रही हैं। जब उन्होंने टोकन मांगा, तो तहसीलदार ने कथित तौर पर कहा कि महिलाओं को टोकन नहीं मिलेंगे, केवल पुरुषों को मिलेंगे। घटना बुधवार सुबह की है। गुड़िया पटेल ने बताया कि जब उन्होंने दोबारा टोकन मांगा, तो तहसीलदार ने उनके गाल पर थप्पड़ मार दिया। तहसीलदार ने कथित तौर पर कहा कि टोकन देने का समय सुबह 9 बजे का था और अब 11 बज रहे हैं। गुड़िया ने दावा किया कि उन्होंने कोई अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया और तहसीलदार को उन पर हाथ उठाने का कोई अधिकार नहीं था। एक महीने से खाद के लिए हो रहीं परेशान गुड़िया पटेल ने यह भी बताया कि वह एमए के गर्ल्स कॉलेज में तीसरे सेमेस्टर की छात्रा हैं और 5 तारीख को उनकी परीक्षा है। वह परीक्षा की तैयारी छोड़कर खाद लेने के लिए लाइन में लगी हुई हैं। उन्हें एक महीने से खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। युवती ने लगाया खाद की कालाबाजारी करने का आरोप
गुड़िया ने आरोप लगाया कि 15 ट्रक खाद रखा हुआ है, लेकिन उसे ब्लैक में बेचा जा रहा है। उन्होंने तहसीलदार मैडम पर भी मिलीभगत और कमीशन लेकर खाद की कालाबाजारी करवाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि लगभग 250 महिलाएं रात 2 बजे से खाद के लिए लाइन में खड़ी हैं, लेकिन किसी को खाद नहीं मिल रहा है। गुड़िया के अनुसार, टोकन चार-चार दिन तक बांटे जा रहे हैं, लेकिन पैसे देने के बाद भी खाद नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह कैसा नियम है और तहसीलदार को उनके थप्पड़ मारने का परिणाम भुगतना पड़ेगा।


