बालाघाट में नदी के किनारे से लगे, वार्ड क्रमांक 33 में एक महीने से वार्ड की महिलाएं रतजगा कर शराब और शराबियों के खिलाफ लाठी लेकर रखवाली कर रही हैं। वे देर शाम 7 बजे से रात 10-11 बजे तक वार्ड और नदी के किनारे गश्त करती है। जिसमें युवतियों से लेकर महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल है। दरअसल जगह-जगह बिक रही शराब से नशे में होती कलह से महिलाएं परेशान थी। इसके अलावा नदी के किनारे, अक्सर शराबी नशा करने आते हैं। यहां से गुजरने के दौरान वे महिलाओं के साथ अश्लील गाली-गलौज करते थे। जिसके बाद महिलाओं ने नदी किनारे और गांव में शराबबंदी को लेकर सामूहिक निर्णय लिया। शराबबंदी के लिए था ज्ञापन एक महीने पहले महिलाओं ने गांव से कलेक्ट्रेट तक, मोर्चा निकाला और गांव में शराबबंदी को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। महिलाएं अब समूह के रूप में लगातार रात के समय हाथ में लाठी लेकर निकालती है और नदी किनारे और गांव के संभावित क्षेत्र में शराब पीने वालों को पकड़ती हैं। जिससे अब शराब पीने वालों में काफी कमी आई है। पुलिस भी नशे के खिलाफ महिलाओं के इस प्रयास में सहयोग कर रही है। गांव की महिला पूर्णिमा इंद्रकुमार राउत बताती है कि गांव में छोटी उम्र के बच्चे तक शराब पीने लग गए थे। अश्लील गाली-गलौज करते थे। जिससे महिलाएं रात में बाहर नहीं निकल पाती थी। वार्ड में शराबबंदी को लेकर हमने पुलिस को सूचना दी और पुलिस का हमारे इस प्रयास को पूरा सहयोग मिल रहा है।


