IAS संतोष वर्मा के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे बीजेपी विधायक:उमाकांत शर्मा बोले: सरकार ने एक्शन नहीं लिया तो मैं इस्तगासा लगाऊंगा

एमपी के प्रमोटी आईएएएस और अजाक्स के प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा के ब्राह्मण बेटियों पर दिए गए बयान पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को विधानसभा में बीजेपी और कांग्रेस के ब्राह्मण नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम डॉ मोहन यादव से मुलाकात कर आईएएस संतोष वर्मा पर कार्रवाई की मांग की। अब बीजेपी के ही एक विधायक ने आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है। बीजेपी विधायक बोले: कार्रवाई नहीं हुई तो खुद कोर्ट जाऊंगा
विदिशा जिले की सिरोंज विधानसभा से बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा- मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर रही है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से मैं बहुत आहत हूं। बेटी संसार में किसी की भी हो, बेटी वंदनीय, पूजनीय है। उमाकांत शर्मा ने कहा- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ ये हमारा लक्ष्य है। किसी भी बेटी का अपमान करना, अनैतिक अभद्र, अपमानजनक, जाति-समुदाय विशेष के खिलाफ टिप्पणी करना ये सार्वजनिक अपराध है। इसके विरूद्ध जल्द से जल्द हमारी सरकार और केन्द्रीय कार्मिक मंत्रालय कार्रवाई करेगा। ऐसा मुझे विश्वास है। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में जाकर इस्तगासा पेश करूंगा। कांग्रेस–भाजपा दोनों एकजुट, मुख्यमंत्री मोहन यादव से प्रतिनिधिमंडल ने की निलंबन की मांग अध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा द्वारा दिए गए विवादित बयान को लेकर प्रदेश में ब्राह्मण समाज का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। इसी मुद्दे पर मंगलवार को कांग्रेस और भाजपा, दोनों दलों के विधायकों तथा जनप्रतिनिधियों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिला और संतोष वर्मा को तत्काल निलंबन करने और उनके खिलाफ ​​​​​​एफआईआर दर्ज करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा समाज को विभाजित करने और भावनाओं को आहत करने वाला बयान देना अत्यंत असंवेदनशील और अनुचित है। उन्होंने कहा कि यह न केवल सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करता है, बल्कि प्रशासनिक सेवा की नैतिक मर्यादाओं का भी उल्लंघन है। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल-हेमंत कटारे के नेतृत्व में मिली टीम कांग्रेस की ओर से प्रतिनिधिमंडल उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिला। उनके साथ— मौजूद रहे। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री से कहा कि राज्य सरकार तत्काल प्रभाव से संतोष वर्मा को निलंबित करे और स्पष्ट संदेश दे कि समाज को बांटने वाली भाषा और गैरजिम्मेदाराना व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा विधायकों ने भी जताया विरोध, सख्त कार्रवाई की मांग इस मुद्दे पर भाजपा विधायकों ने भी अपनी आपत्ति जताते हुए कठोर विभागीय कार्रवाई की मांग रखी। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में— शामिल रहे। भाजपा विधायकों ने जोर दिया कि किसी भी समाज या वर्ग का अपमान करने वाले अधिकारी पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई अधिकारी ऐसी गैरजिम्मेदाराना टिप्पणी न कर सके। आईएएस के इस बयान पर मचा बवाल
पिछले रविवार को अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में नए प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा ने कहा था- “जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।” सरकार ने जारी किया था नोटिस
ब्राह्मणों की बेटियों को लेकर विवादित बयान देने वाले अजाक्स के प्रांताध्यक्ष और आईएएस अधिकारी संतोष कुमार वर्मा को राज्य शासन ने बीते 26 नवंबर को नोटिस जारी किया था। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बुधवार देर रात जारी नोटिस में कहा गया है कि 23 नवंबर 2025 को भोपाल में हुए अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में दिया गया बयान भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों से अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं है। यह अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *