‘कांग्रेस ने वाहवाही लूटने के लिए खोल दिए इंग्लिश-मीडियम स्कूल’:मदन राठौड़ बोले-अव्यवहारिक व्यवस्था करके बच्चों का जीवन बर्बाद करने का रचा था षडयंत्र

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राज्य सरकार द्वारा अंग्रेजी माध्यम स्कूलों पर बनाई गई समीक्षा कमेटी पर गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने शिक्षा क्षेत्र में अव्यवहारिक व्यवस्था कर बच्चों के जीवन को बर्बाद करने का षडयंत्र रचा था। बीजेपी सरकार कांग्रेस की ऐसी व्यवस्था की जांच करवाकर हमारे बच्चों का बेस तैयार करने का काम करेगी। राठौड़ ने कहा- कांग्रेस सरकार ने आनन-फानन में केवल वाहवाही लूटने के लिए अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोल दिए। इन स्कूलों में न तो इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था की और न ही अंग्रेजी पढ़ाने वाले शिक्षकों की नियुक्ति की। कांग्रेस ने दूर दराज के गांवों में चल रही हिंदी मीडियम स्कूलों को बंद कर अंग्रेजी में कर दिया। जो कांग्रेस का अव्यवहारिक फैसला था। कांग्रेस ने हिंदी माध्यम के बच्चों तक के भविष्य की चिंता नहीं की। बच्चों का बेस ही तैयार नहीं करवाया बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- कांग्रेस को हमारे बच्चों की चिंता होती तो स्कूलों में बच्चों का आधार मजबूत करने का काम करती। पहली कक्षा से अंग्रेजी का बेस मजबूत करती। अंग्रेजी अध्ययन के लिए ग्रामर और शब्दावली की आवश्यकता होती है, लेकिन कांग्रेस ने बच्चों का ग्राउंड तैयार नहीं किया। बिना बेस के बच्चे सीधे हिंदी माध्यम विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम में बदल दिया। ऐसे में हिंदी माध्यम में पढ़ने वाला बच्चा जब अंग्रेजी किताबें अध्ययन नहीं कर पाएगा तो निराश ही होगा। हिंदी मीडियम स्कूल को बंद करना कांग्रेस का अव्यवहारिक फैसला था। कांग्रेस ने बिना चिंतन-मनन किए आनन-फानन में ऐसा फैसला कर दिया जो पूर्णतया अप्रासांगिक था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऐसी परिस्थिति को देखते हुए समीक्षा कमेटी का गठन किया है। कमेटी में यह तय किया जाएगा कि बच्चों का ग्राउंड कैसे मजबूत किया जाए और इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य व्यवस्थाएं कैसे मजबूत की जाए। डोटासरा ने लगाए थे आरोप
डोटासरा ने पिछले दिनों कहा था- अंग्रेजी स्कूलों का रिव्यू करने वाली कमेटी में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को संयोजक बनाया गया है, उन्हें जिलों की कमेटी का भी संयोजक बनाया था और उन्हें बीच में हटाया गया था। दावे के साथ कह रहा हूं कि उपमुख्यमंत्री को इस कमेटी से भी बीच में भागना पड़ेगा। इसीलिए भागना पड़ेगा, क्योंकि उनके विधानसभा क्षेत्र में 59 अंग्रेजी मीडियम स्कूल चल रहे हैं। कमेटी के मेंबर खाद्य मंत्री सुमित गोदारा जब विपक्ष में थे तब उन्होंने लिख कर दिया था कि मेरे इलाके में एक इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलो। नए साल में शिक्षा मंत्री सुधर जाए, शिक्षा मंत्री की कुर्सी पर ग्रहण लगा हुआ है। शिक्षा मंत्री, आपकी कुर्सी जा रही है, उसको कैसे बचाया जाए उसकी समीक्षा करनी चाहिए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *