राज्य सरकार ने शहरों में बढ़ते ट्रैफिक से राहत दिलाने और यातायात को और सुविधाजनक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 9 शहरों में रिंग रोड बनाने के लिए डीपीआर तैयार करने के टेंडर गत दिनों जारी कर दिए हैं। ये टेंडर करीब 11 करोड़ के है। अब जल्द ही कार्यकारी एजेंसी इस रिंग रोड की लागत की डीपीआर तैयार करेगी और सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से सरकार को भेजेगी। उसके बाद सरकार रिंग रोड बनाने के लिए बजट जारी करेगी। डीपीआर तैयार करने के लिए सरकार ने बजट वर्ष 2025-26 में घोषणा की थी। फिर करीब दो माह पहले सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। टोंक के रिंग रोड के लिए तत्कालीन बीजेपी जिलाध्यक्ष और पूर्व टोंक विधायक अजीत सिंह मेहता ने सरकार से मांग की थी। टेंडर जारी होने के बाद अजीत सिंह मेहता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि इस रिंग रोड से लोगों को काफी राहत मिलेगी। करीब 20 किमी होगा क्षेत्रफल
उधर सार्वजनिक निर्माण विभाग के एसई एच. एल. मीणा ने बताया कि डीपी आर तैयार होने के बाद सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उसके बाद सरकार रिंग रोड बनने के लिए अपने स्तर पर बजट देगी। फिर टोंक शहर समेत अन्य संबंधित शहरों में रिंग रोड बनेगा।
टोंक में इसका क्षेत्रफल करीब 20 किमी होगा। इसके बनने के बाद टोंक वासियों को भी काफी लाभ मिलेगा, परिवहन व्यवस्था और बेहतर होगी। शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा। बाहरी यातायात बाहर से ही होगा डायवर्ट
उल्लेखनीय है कि कई जिलों एवं शहरों में रिंग रोड की जरूरत महसूस हो रही है। शहरों के अंदर व केंद्र में ट्रेफिक की समस्याएं अधिक होने लगी है। ऐसे में ट्रेफिक को बाहर—बाहर ही डायवर्ट करने के लिए रिंग रोड का निर्माण राहत प्रदान करेगा। वर्तमान में जहां रोड है, वहां की स्थिति ठीक नहीं है, जिससे यातायात में खासी परेशानी हो रही है। लेकिन स्वीकृत के तहत कार्य पूरा होने पर राहत होगी। टोंक शहर में इस मार्ग पर प्रस्तावित है रिंग रोड
शहर में रिंग रोड मेहगांव पक्का बंधा से शुरू होकर तारण, बाड़ा जेरे किला, लहन, मोलाईपुरा होकर बहीर तक निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। सार्वजनिक निर्माण विभाग टोंक के अधीक्षण अभियंता एच एल मीना ने बताया कि डीपीआर निर्माण हेतु कंसल्टेंसी को वर्क आर्डर जारी कर दिए हैं। रिंग रोड बनने से आवाजाही होगी आसान
रिंग रोड बनने से भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी। वर्तमान में फोरलेन के दोनों ओर आबादी है। ऐसे में भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। रिंग रोड बनने से यह खतरा कम होगा। साथ ही शहर के चारों ओर से यातायात सुगम हो सकेगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने डीपीआर तैयार करने के लिए गत दिनों निविदाएं आमंत्रित की थी। फिर गत सप्ताह ही टेंडर जारी हुए है। इससे पहले सरकार ने झालावाड़ के लिए 3.30 करोड़, टोंक के लिए 1.50 करोड़, कोटपूतली के लिए 1 करोड़, डूंगरपुर के लिए 1 करोड़, बांसवाड़ा के लिए 1 करोड़, जालोर के लिए 1.29 करोड़, जैसलमेर के लिए 0.84 करोड़, बाड़मेर-जालोर के लिए 0.80 करोड़ और बालोतरा के लिए 0.39 करोड़ रुपए की सैद्धांतिक और फिर वित्तीय मंजूरी दी थी। इनपुट: विनोद शर्मा।


