सीहोर में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने आवासीय खेल परिसर में कार्यक्रम किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और खेल गतिविधियों के माध्यम से अपनी क्षमता और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दिव्यांगजनों को समाज के ‘अनमोल हीरे’ बताया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान जिला न्यायाधीश प्रकाश चंद्र आर्य ने दिव्यांगजनों को समाज के ‘अनमोल हीरे’ बताया। उन्होंने कहा कि उचित अवसर और संसाधन मिलने पर वे समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आर्य ने सभी से दिव्यांगजनों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने का आह्वान किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वप्नश्री सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि दिव्यांगजन सहानुभूति के बजाय समान अवसर और गरिमापूर्ण जीवन के हकदार हैं। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और दिव्यांगजनों के लिए विशेष अभियान चला रहा है। दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई कला और खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें फैंसी ड्रेस, रंगोली, गायन, वादन, निबंध लेखन, पेंटिंग, गोला फेंक और साइकिल रेस शामिल थीं। विभिन्न थीम पर बनी रंगोलियों ने सांस्कृतिक माहौल बनाया, जबकि गायन और वादन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर और जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अभय खेमरिया, सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक महेश यादव, जिला शिक्षा अधिकारी संजय सिंह तोमर, डीपीसी आर.आर. उइके और एनआईएमएचआर के निदेशक डॉ. अखिलेश शुक्ला सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


