बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इंदौर ने IIM इंदौर के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्लेसमेंट कमेटी के एक सदस्य व छात्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए कमेटी भंग करने की मांग की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इंदौर महानगर मंत्री देवेश गुर्जर ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी, जिसके बाद उन्होंने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। गुर्जर ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है कि यहां कमेटी के एक मेंबर ने ऑफ कैंपस प्रोग्राम के दौरान कुछ छात्राओं से अभद्रता व हरकत की। जिसकी शिकायत छात्राओं ने संस्थान में की, लेकिन एक महीने बाद भी इसमें ठोस और निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई है। इसके चलते आज कैंपस के बाहर एबीवीपी द्वारा प्रदर्शन किया गया और संस्थान से कमेटी भंग करने की मांग की गई है। दूसरी ओर आईआईएम के निदेशक डॉ. हिमांशु राय का कहना है उन्हें इस तरह की शिकायत के बारे में जानकारी नहीं है। ज्ञापन में की ये मांग
ABVP की प्रमुख मांगें हैं कि संबंधित व्यक्ति को तत्काल प्रभाव से कमेटी, समस्त छात्र-संबंधी दायित्वों तथा संस्थान से निलंबित किया जाए। साथ ही वर्तमान कमेटी को तत्काल भंग कर नई कमेटी का गठन किया जाए, ताकि किसी प्रकार के दुरुपयोग, दबाव या प्रभाव से बचा जा सके। पीड़ित छात्राओं को मानसिक, कानूनी एवं प्रशासनिक सहयोग प्रदान करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। अभाविप की महानगर सह मंत्री प्रांजलि अग्रवाल का कहना है कि ऐसे गंभीर प्रकरण में देरी या मौन संस्थान की प्रतिष्ठा को और अधिक क्षति पहुंचाएगा। अभाविप के महानगर मंत्री देवेश गुर्जर ने कहा है कि यदि तीन दिनों के भीतर संस्था द्वारा आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो परिषद उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी IIM इंदौर प्रशासन की होगी।


