किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे यूरिया खाद को लेकर एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई कि एक खुदरा विक्रेता ने आधी रात में ही किसानों को यूरिया खाद बेच दिया। विभाग की तरफ से मना करने के बाद भी ऐसा किया गया। यहीं नहीं पोस मशीन में जो डेटा आ रहा है उसके अनुसार स्टॉक भी नहीं मिल रहा है। कृषि विभाग ने विक्रेता का लाईसेंस निलंबित कर दिया और उसके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दी है। मामला उदयपुर जिले के मावली ब्लॉक का है। मावली के आमली गांव में 2 दिसम्बर की रात को 2 बजे तक यूरिया खाद वितरण खुदरा विक्रेता ने कर दिया। पहले कृषि विभाग से पूछा गया तो उन्होंने रात को वितरण के लिए मना कर दिया लेकिन रातों रात यूरिया बेचने पर विभाग को शंका हुई और मामले को गंभीरता से लिया। उदयपुर के कृषि (विस्तार) संयुक्त निदेशक सुधीर कुमार वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच के साथ ही मावली के खेमपुर क्षेत्र के आमली बस स्टैंड स्थित खुदरा उर्वरक विक्रेता मैसर्स किरण खाद बीज भंडार का प्राधिकार पत्र (लाईसेंस) निलंबित कर दिया है। आदेश में लिखा गया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 में निहित प्रावधानों का गंभीर उल्लघंन करते हुए अनियमित और अनियंत्रित यूरिया उर्वरक को बेचने एवं व्यवसाय किया जाने पर यह कार्रवाई की गई है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। 2 बिंदुओं से समझे ऐसे हुआ खेल 1. कृषि कार्मिक को बुलाया नहीं और दे दिया खाद फतहनगर के दुधालिया निवासी कृषि पर्यवेक्षक कुलदीप सिंह चारण ने फतहनगर पुलिस थाने में एक लिखित रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया कि सभी उर्वरक विक्रेताओं को यूरिया उर्वरक प्राप्त होने की सूचना संबंधित कार्मिक को देने और उनकी मौजूदगी में ही वितरण करने के निर्देश दिए गए। 2. रात में दिया खाद, स्टॉक में खाद बोल रहा मौके पर एक बैग भी नहीं आमली के खुदरा विक्रेता किरण खाद बीज भंडार ने विभागीय कार्मिक को बिना बताए ही रात्रि में यूरिया खाद का वितरण कर दिया। रिपोर्ट में बताया कि बिल्टी के अनुसार वहां कुल 39.060 मेट्रिक टन यानि 868 बैग दिए गए और पोस मशीन में 28.935 मेट्रिक टन का स्टॉक पाया गया लेकिन मौके पर यूरिया नहीं मिला। रिपोर्ट में विक्रेता की और से एफसीओ एक्ट 1985 का उल्लघंन किया गया, मामले में कानूनी कार्रवाई करने की रिपोर्ट दी। उदयपुर में 14150 मैट्रिक टन की आपूर्ति हो चुकी उदयपुर जिले में रबी 2025-26 के दौरान गेहूं, चना, जौ, सरसों आदि फसलों का बुवाई रकबा 1 लाख 38 हजार हैक्टेयर है। रबी मौसम की कुल मांग 27600 मैट्रिक टन (माह-अक्टूबर से फरवरी-2025) के विरूद्ध अब तक जिले में 14150 मैट्रिक टन की आपूर्ति हो चुकी है। इसके अलावा दिसंबर महीने के लिए 8900 मैट्रिक टन यूरिया की मांग मुख्यालय जयपुर भेज गई है। कालाबाजारी रोकने के लिए 6 चेक पोस्ट बनाई उर्वरक वितरण के उचित प्रबंधन, निगरानी और शिकायत निवारण को लेकर जारी कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर सीमावर्ती राज्यों से सटे इलाकों में स्थापित चेकपोस्ट और बैंक पोस्ट से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उदयपुर जिले में 6 चेक पोस्ट स्थापित की गई है। बार-बार खरीदने वालों पर रहेगी नजर
कृषि (विस्तार) संयुक्त निदेशक सुधीर कुमार वर्मा ने बताया कि आईएफएमएस पोर्टल के माध्यम से यूरिया के टॉप खरीदार, बार-बार के खरीदार तथा अधिक यूरिया बिक्री करने वाले रिटेलर चिन्हित कर उनका भौतिक सत्यापन किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। साथ ही कार्रवाई को पोर्टल पर अपलोड भी किया जाएगा। संबंधित ये खबर भी पढ़े… यूरिया खाद की मारामारी के बीच अब टोकन सिस्टम:बार-बार खरीद कर कालाबाजारी करने वालों पर रहेगी नजर, 2 महीने में 15 लाइेंसस सस्पेंड किए


