राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज जोधपुर पहुंचे इस दौरान एयरपोर्ट पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के 1 साल होने को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने पेपर लीक, रिफायनरी, जिलों को घटाने सहित कई अन्य सवालों पर भी जवाब दिए। उन्होंने कहा कि सरकार अपने एक साल की उपलब्धियां बताने के हमारी अच्छी स्कीमों को बंद कर रही है। सरकार ने कई जगहों पर नए जिले समाप्त कर दिए। जबकि जिले बनने से गुड गवर्नेंस होती वहां पर। पब्लिक को सहयोग मिलता। स्कीम बनती है तो उसे लागू ढंग से किया जा सकता था लेकिन इन्होंने उसे खत्म कर दिया। जबकि प्रदेश में और जिले बनने की गुंजाइश थी। अंग्रेजी मीडियम को लेकर बोले इंग्लिश मीडियम स्कूलों को लेकर कहा कि ये एक ऐसा प्रयोग पूरे देश के अंदर किया गया था कि हमारे गांव के बच्चे इंग्लिश पढ़ने लग गए, समझने लग गए बोलने लगे थे। में खुद से शिविरों के अंदर गया तो देखा की हमारे बच्चे इंग्लिश में बात कर रहे हैं। आज जमाना इंग्लिश का है AI का है आईटी का है। आने वाले वक्त में देश में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बच्चे कंपटीशन कर पाते। इंग्लिश लेंग्वेज का महत्व बढ़ गया है। कोई जमाने में इसका महत्व नहीं था, लेकिन इसको कल रिव्यू में डाल दिया गया। पट्टे देने पर बोले अभियान चलाकर पट्टे देने का हमारा फैसला एक क्रांतिकारी फैसला था जिसमें 10 से 12 लाख लोगों को पट्टे दिए गए, लेकिन सुना है कि इस सरकार ने उसके लिए रिव्यू करवाना शुरू किया है। अब जिसने अपने मकान बना दिए हैं उनका क्या होगा। ERCP पर कहा कि ये समझौता गुप्त रखा गया है। जो हमें आज तक समझ नहीं आया है। दो राज्यों के बीच कोई एग्रीमेंट किया है जिसके बारे में बताया नहीं गया है। हमारे स्टेट के हित के बारे में जानने का अधिकार पूरे प्रदेशवासियों को है। बजाय अपनी उपलब्धियां बताने के सरकार हमारी तमाम शिक्षा, जिले बनाने, पट्टे देने जैसी स्कीमों को बंद कर रही है। मैं समझता हूं कि पता नहीं इनकी क्या सोच है। 1 साल हो गया है एक साल बाद भी पिछली सरकार ने क्या किया इस पर बात कर थे हैं। नहीं किया वह समय गया। हमारे समय में बन रही सड़कों को बंद कर दिया। गांव गांव में सरकार है या नहीं ऐसा माहौल बना हुआ है। सरकार बनने के एक साल के अंदर ऐसा माहौल बन गया है जबकि हमने उनको पूरा मौका दिया था कि पहली बार नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं इनका अनुभव नहीं है तो पूरा मौका देना चाहिए था। एक साल में कोई आंदोलन भी खड़ा नहीं हुआ लेकिन अब जिस प्रकार का व्यवहार यह लोग कर रहे हैं। उससे अब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी आंदोलन करने की तैयारी की है। जिलों में संभाग खत्म होने को लेकर लोग बड़े लेवल पर मीटिंग है कर रहे हैं। सरकार पता नहीं किससे बदला ले रहे हैं हमसे या जनता से। इन्होंने झूठ बोलकर चुनाव जीत लिया की हिन्दू को दस लाख दिए मुसलमान को पचास लाख दिए। हमारी सरकार बदल गई लेकिन अब ये बदला किससे ले रहे हैं। जिला खत्म होने से नुकसान किसको होगा कांग्रेस को या जनता को। जब CM भजनलाल जोधपुर आए तब हमारे ऊपर आरोप लगा रहे थे कि मुख्यमंत्री रहे तब उनके गृह जिले में सड़के नहीं है लेकिन अब क्या है। अब यहां के लोग पूछ रहे हैं कि आपने मुख्यमंत्री बनने के बाद जोधपुर के लिए क्या किया जबकि हमारे समय में जो स्वीकृति की थी वह सब रोक रखी है। फ़िंटेक यूनिवर्सिटी को लेकर कहा कि इसके भवन का निर्माण हो चुका है, लेकिन उसके आगे कुछ नहीं किया जा रहा है। जयपुर में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस बनाया था लेकिन उसे खत्म कर दिया। हालांकि उस पर महात्मा गांधी का बोर्ड जरूर लगा है जिसे देखकर एक खुशी है जरूर हुई कि उन्होंने नाम नहीं बदला। एक काम ठीक किया। SI भर्ती को लेकर कहा कि ये खुद चाहते यही हैं। देशभर में गुजरात, UP, बिहार, पंजाब कहां पेपर लीक नहीं हुए। देशभर में 70 जगहों पर पेपर लीक हुए। केंद्र सरकार के नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ। ऐसे मामलों में केंद्र सरकार को राज्यों के साथ बात करके विशेष कदम उठाने चाहिए। उन्होंने प्रदेश में SI, शिक्षक भर्ती आदि को लेकर कहा कि यदि कोई गलत है तो उस पर कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन ये सरकार लंबा खींच रही है। जानबूझकर के खींच रहे हैं। जिससे माहौल बिगाड़ रहे कि पिछली गवर्नमेंट के समय पेपर लीक हो गया। टूरिज्म को लेकर कहा कि जब वो केंद्रीय मंत्री थे टूरिज्म में। तब हमने राज्यों से मांग की थी कि आप टूरिज्म को इंडस्ट्री का दर्जा दे दो तब तो हो नहीं पाया था लेकिन मैं सरकार में आने के बाद प्रदेश में टूरिज्म को इंडस्ट्री का दर्जा दिया था। जिसमें होटल, टूर ऑपरेटर सब खुश थे। तमाम तरह की छूट मिलना शुरू हो गई। बड़े लेवल की होटलों को दो लाख रुपए तक का फायदा प्रति माह होने लग गया। उन्होंने गजेंद्र सिंह शेखावत को नसीहत देते हुए कहा कि वह हमारे घर के मंत्री हैं उन्हें जोधपुर का ख्याल रखना चाहिए और टूरिज्म के वह मंत्री है तो इस पर उन्हें राजस्थान में टूरिज्म इंडस्ट्री पर कुछ कहना चाहिए। शेखावत को ये प्रयास करना चाहिए कि उन्हें यह करना चाहिए कि राजस्थान सरकार ने जो टूरिज्म को इंडस्ट्री का दर्जा दिया है उसे अब अन्य राज्यों से भी यह मांग करें कि यहां पर भी टूरिज्म का इंडस्ट्री का दर्जा दिया जाए तब मैं समझता हूं कि वह अपना कर्तव्य पूरा कर रहे हैं जबकि मैंने उनके मुंह से इसको लेकर एक शब्द भी नहीं सुना। राइजिंग राजस्थान को लेकर कहा कि राजस्थान में नए जिलों को खत्म करने से जिन जिलों में इन्वेस्ट होना था वो डिस्टर्ब हो गया होगा। में MOU के बारे में कॉमेंट नहीं करना चाहता हूं लेकिन सरकार 30 लाख करोड़ की बातें कर रही है। सरकार उनकी मॉनिटरिंग कर रही है। मुझे खुशी होगी कि उनकी मॉनिटरिंग कामयाब हो। मेरा अनुभव कहता है कि मैक्सिमम 15 प्रतिशत इन्वेस्ट आ जाए तो बड़ी बात होगी। पचपदरा में रिफाइनरी को लेकर कहा कि यह प्रोजेक्ट डॉक्टर मनमोहन सिंह की बहुत बड़ी देन है उसे समय बहुत मुश्किल से यूपी के चेयरपर्सन सोनिया गांधी विपाशित रही तब के केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली भी उपस्थित रहे। HPCL भी आगे आई थी। 5 साल तक इन्होंने 40000 करोड रुपए की योजना को बंद करके रखा। जो बाद में 70 से 80 हजार करोड रुपए की हो गई। कि वहां कहीं उद्योग खुलते। उन्होंने प्रदेश सरकार से आह्वान किया कि जल्द से जल्द रिफाइनरी का उद्घाटन किया जाना चाहिए। जो पेट्रो केमिकल के लिए जगह चिन्हित की गई है वहां युवाओं को मौका देना चाहिए। चिरंजीवी को लेकर कहा राजस्थान सरकार ने चिरंजीवी योजना को कम कर दिया। राज्य में कंफ्यूजन चल रहा है की योजना है भी नहीं जबकि 25 लाख का बीमा हमने किया था। 88 प्रतिशत का कवरेज राजस्थान की जनता का कवरेज इस बीमा योजना के तहत किया गया था।


