एजुकेशन रिपोर्टर| रांची रांची विश्वविद्यालय की स्नातक फोर्थ सेमेस्टर परीक्षा में सिर्फ 1–2 अंकों की कमी ने दर्जनों छात्रों को फेल कर दिया। इस कारण दो महीनों से प्रभावित स्टूडेंट्स विश्वविद्यालय मुख्यालय के चक्कर लगाने को विवश हैं। बुधवार को एक बार फिर नाराज छात्र आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में विश्वविद्यालय पहुंचे। मूल्यांकन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए छात्रों ने रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात की। परीक्षा नियंत्रक संजय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि परीक्षा ओएमआर शीट आधारित और पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड थी, इसलिए गलती की संभावना लगभग शून्य है। हालांकि छात्रों की परेशानी समझते हुए उन्होंने ग्रेस मार्क के लिए आवेदन की सलाह देकर विवाद को शांत करने की कोशिश की। छात्रों का नेतृत्व आजसू छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, उपाध्यक्ष बबलू महतो और प्रताप कुमार कर रहे थे। सबसे पहले प्रतिनिधिमंडल ने रजिस्ट्रार डॉ. गुरु चरण साहू से मुलाकात की और अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। इसके बाद छात्र प्रतिनिधि दोपहर ढाई बजे परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय कुमार सिंह के कार्यालय पहुंचे। छात्रों ने आरोप लगाया कि संबंधित पेपर की क्लास तक नहीं हुई, फिर भी केवल एक-दो नंबर से फेल कर दिया गया। पूरे सत्र में एक बार ग्रेस अंक का है प्रावधान परीक्षा नियंत्रक ने तत्काल टेक्निकल एक्सपर्ट से भी राय ली और बताया कि दोबारा मूल्यांकन संभव नहीं है। परीक्षा नियंत्रक ने छात्रों को नियमावली बताते हुए कहा कि पूरे सत्र में एक बार ग्रेस मार्क देने का प्रावधान है। उन्होंने छात्रों से कहा कि यदि आप ग्रेस मार्क का लाभ लेना चाहते हैं, तो कॉलेज के माध्यम से आवेदन दें। आजसू नेता ओम वर्मा और बबलू महतो ने कहा कि सिर्फ एक-दो नंबर के कारण बैकलॉग करना छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है।


