राजधानी के थानों में जब्त वाहन थानेदार के सामने ही सड़ रहे हैं। बाइक से बैट्री समेत अन्य पार्ट्स गायब हो रहे हैं, लेकिन देखने वाला कोई नहीं है। जब्त वाहनों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि अब कई थानों में रखने तक की जगह नहीं है। ऐसे में गाड़ी के ऊपर गाड़ी चढ़ाकर रखी गई है। इससे गाड़ियों का ढेर बन गया है। दैनिक भास्कर ने शनिवार को तीन थानों की पड़ताल की तो पता चला कि कई बाइक से बैटरी गायब हैं। कुछ बाइक से कई अन्य पार्ट्स भी गायब मिले। एक थानेदार से जब इस संबंध में बातचीत की तो नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि जबतक मालखाना के लिए स्पेशल पदाधिकारी और संपत्ति की देखरेख के लिए जवान की पोस्टिंग नहीं होगी, इस तरह के परेशानी को खत्म नहीं किया जा सकता। थानेदार पर अधिक लोड है। ऐसे में थानेदार के जिम्मे ही मालखाना का बोझ डालना पूरी तरह से अव्यवहारिक है। रख-रखाव का जिम्मा थानेदार का, नीलाम करने में भी नहीं दिखाते रुचि थानों में जब्त वैसी गाड़ियों के रख-रखाव का जिम्मा संबंधित थानेदार का होता है। मालखाना में जब्त गाड़ी सहित कोई भी सामान गायब होता है तो सीधे तौर पर थानेदार जिम्मेवार होंगे। लावािरस हालात में मिली गाड़ियों को 6 महीने तक कोई नहीं ले जाता तो उसे नीलाम करने का प्रावधान है। लेकिन इसके लिए लंबी प्रक्रिया है, इसलिए कोई रुचि नहीं लेता। आखिर कहां गई जब्त बाइक की बैटरी…? बाइक से बैटरी गायब मिलने के बाद सवाल खड़ा होने लगा है कि आखिर यह बैटरी कहां गई। क्या जब्ती के समय से ही बाइक में बैटरी नहीं थी। क्या बिना बैटरी के ही बाइक चलाई जा रही थी। अगर जब्त करने के समय बाइक में बैटरी लगी हुई थी तो फिर थाने में रखने के बाद बैटरी कैसे गायब हो गई? जब्त गाड़ियों को नीलाम करने का चल रहा प्रयास लालपुर थाने में जब्त 36 बाइक को जांचा। सभी की हालत जर्जर हो चुकी है। पिछले कई वर्षों से एक ही जगह पर कूड़े के ढेर की तरह बाइक खुले में फेंकी हुई हैं। थाना परिसर में दीवार के समीप रखी गई हैं। इसमें 5 बाइक में बैटरी नहीं थी। बैटरी से तार निकाल कर छोड़ दिया गया है। जब्त बाइक पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। परिसर में नए थाने का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए जोर-शोर से काम चल रहा है। थाने के निर्माण कार्य में परेशानी ना हो, इसके लिए सभी जब्त गाड़ियों को एक ही जगह ढेर बनाकर जमा कर दिया गया है। इसके अलावा आसपास में जब्त कर रखी कुल 40 गाड़ियों की पड़ताल की तो 7 बाइक से बैटरी गायब मिली। थाना परिसर के दाईं तरफ खाली जगह पर रखी गई जब्त बाइक तक दैनिक भास्कर ने पहुंच कर पड़ताल की। जब्त बाइक की आेर कोई आना-जाना ना कर सके, इसके लिए उक्त जगह तक जाने वाले रास्ते को बैरिकेड कर बंद किया गया है। इसके बावजूद जब्त 48 बाइक को जांचा। एक-एक कर देखने पर 9 बाइक ऐसी मिली, जिसकी बैटरी गायब थी। देखने से ही स्पष्ट हो रहा है कि बाइक से बैटरी को निकाला गया है।


