इस साल स्वास्थ्य व्यवस्था मेंं बेहतर बदलाव दिखेगा। कई नए योजनाएं शुरू होंगी तो कुछ पुरानी योजनाओं को भी नए सिरे से लागू किया जाएगा। झारखंड में करीब 44% लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। राज्य में कुल 32 जनजातियां हैं, इनमें से 8 आदिम जनजातियां हैं। ऐसे में इन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना चुनौती से कम नहीं है। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग इसके लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इस साल गरीब लोगों के लिए सरकार असाध्य रोगों के लिए देय राशि बढ़ाने वाली है। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत वर्तमान में आवेदन प्रक्रिया में देरी की शिकायत मिलती है। पहले सिविल सर्जन कार्यालय या स्टेट आरोग्य सोसायटी में आवेदन करना होता है, इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, अस्पताल से अनुमानित खर्च आदि मांगने में कई बार रोगियों की स्थिति भी गंभीर हो जाती है। ऐसे में इस तरह की परेशानी न हो, इसके लिए गंभीर बीमारी को मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना से जोड़ने की तैयारी चल रही है। दो से तीन महीने के भीतर यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। अबुआ स्वास्थ्य योजना के तहत 15 लाख तक का कवरेज ले सकेंगे। आयुष्मान का कवरेज अमाउंट बढ़ेगा: वर्तमान में आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभुकों को 5 लाख तक का इलाज मिलता है। सरकार अब इसका कवरेज अमाउंट बढ़ाने के लिए जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कर रही है। इसके तहत राज्य में करीब 10 लाख तक का बीमा कवर लाभुकों को मिलेगा। सूचना है कि 5 लाख तक में राज्य व केंद्र का 60-40 का अनुपात रहेगा, जबकि 5 लाख से ऊपर के इलाज में राज्य सरकार भुगतान करेगी। 1. रिम्स में रखी जाएगी ओपीडी कॉम्प्लेक्स की आधारशिला 2025 में रिम्स में कई नए भवन बनने हैं। सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सिर्फ टेंडर होकर एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शेष है। आगामी दो से तीन माह के भीतर रिम्स में ओपीडी कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी जाएगी। यह भवन ट्रॉमा सेंटर के पीछे डीआईजी ग्राउंड में बनाया जाना है। ओपीडी कॉम्प्लेक्स के बनने से सभी विभागों की ओपीडी एक भवन में शिफ्ट हो जाएगी। स्वास्थ्य सुविधाएं 2025 में बेहतर बनेंगी, हर संभव प्रयास करेंगे : डॉ. इरफान अंसारी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले कई सालों में जितनी सुविधाएं नहीं बढ़ीं, 2025 में उससे ज्यादा सुविधाएं बढ़ेंगी। जिलों के सदर अस्पताल मॉडल बनाए जाएंगे। गरीब मरीजों को हर सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ सरल तरीके से मिले, इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 3. फरवरी तक 8 मंजिला क्षेत्रीय नेत्र संस्थान हो जाएगा पूरा रिम्स कैंपस में बन रहे क्षेत्रीय नेत्र संस्थान को भी हर हाल में फरवरी तक पूरा करना है। मुख्यमंत्री ने 10 दिन पहले ही एजेंसी को इस संबंध में निर्देश दिया है। बताते चलें कि क्षेत्रीय नेत्र संस्थान का काम साल 2014 में शुरू हुआ था। 10 साल बाद भी यह अधूरा है। इसके शुरू होने से राज्य के नेत्र रोगियों के लिए यह वरदान होगा। यहां आंखों की गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज हो सकेगा। 2. 100 बेड का क्रिटिकल केयर इस साल होगा तैयार रिम्स डेंटल कॉलेज के पीछे बन रहा 100 बेड का क्रिटिकल केयर आईसीयू इस साल के अंत तक तैयार हो जाएगा। इसी साल इसे हैंडओवर करने के लिए भी डेडलाइन तय कर दी गई है। अभी क्रिटिकल केयर आईसीयू ट्रॉमा सेंटर के दूसरे व तीसरे तल्ले में संचालित है, लेकिन यहां अधिकांश समय गंभीर मरीज भरे रहते हैं। जरूरतमंद को समय पर बेड भी नहीं मिल पाता।


