​​​​​​झारखंड में बर्फीली हवाओं से बढ़ेगी ठिठुरन:5 और 6 को शीत लहर का यलो अलर्ट, छह जिलों का तापमान 11 डिग्री से कम

झारखंड में हिमालय के क्षेत्र से आने वाली बर्फीली हवाओं से ठिठुरन बढ़ने की संभावना बन गई है। मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव के बाद अब ठंड बढ़ने के संकेत मिले हैं। पिछले 24 घंटे में राज्य के छह जिलों का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस से कम रिकॉर्ड किया गया। इधर, मौसम विभाग ने 5 और 6 दिसंबर को शीत लहर का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दिन पलामू, गढ़वा, चतरा, गुमला, लातेहार, लोहरदगा, सिमडेगा जिलों में कहीं-कहीं शीत लहर चलने की संभावना बनी हुई है। न्यूनतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की हो सकती है गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे (3-4) डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद अगले तीन दिनों में इसमें (2-3) डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। गुरुवार को सुबह में कोहरा या धुंध और बाद में आसमान मुख्यत साफ रहेगा। दो दिसंबर को सुबह की शुरुआत हल्की धुंध के साथ हुई, लेकिन दोपहर तक आसमान लगभग साफ हो गया। अगले दिन बुधवार को सुबह से मौसम साफ रहा और लोगों ने अच्छी-खासी ठंड महसूस की। आने वाले दिनों में रांची का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। ऐसे में एक बार फिर सर्दी सताएगी। वहीं, पिछले 24 घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस चाईबासा में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 07.9 डिग्री सेल्सियस गुमला में दर्ज किया गया। दो जिलों का न्यूनतम तापमान हुआ 10 डिग्री से भी कम इधर, पिछले 24 घंटे में छह जिलों का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस से कम रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों में डाल्टेनगंज, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, गोड्‌डा और गुमला शामिल है। रांची का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, डाल्टेनगंज और गुमला में तो न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम रिकॉर्ड किया गया।
​​​​​​ठंड बढ़ते ही अस्पतालों में बढ़े मरीज वहीं, तापमान में लगातार गिरावट के साथ मौसमी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या बीते एक सप्ताह में 30-35% तक बढ़ी है। गले में खराश, कफ, सर्दी-जुकाम और खांसी आम शिकायत बन गई है। रिम्स ओपीडी में पहुंचने वाले हर चार में से एक मरीज इन मौसमी बीमारियों से पीड़ित मिल रहे हैं। पिछले सात दिनों में केवल रिम्स की मेडिसिन ओपीडी में 1402 और पीडियाट्रिक ओपीडी में 1271 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। वहीं, सदर अस्पताल की ओपीडी में भी संख्या 2194 रही। कुल 4,867 मरीजों में से लगभग 25-30% मौसमी बीमारियों से ग्रस्त थे। ठंड में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से प्रभावित होती है। शिशु रोग विभाग के डॉक्टरों के अनुसार, छोटे बच्चे ठंडी हवा, धूल और वायरल संक्रमण से जल्दी प्रभावित होते हैं। वहीं, बुजुर्गों में खासतौर पर गठिया (आर्थराइटिस), सांस की दिक्कत, हार्ट रोग, ब्लड प्रेशर का उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिल रहा है।

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