लोकसभा में बुधवार को बाड़मेर–जैसलमेर लोकसभा सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने राजस्थान के सीमांत जिलों बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर सहित प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र में व्याप्त गंभीर कमियों को उजागर करते हुए मुद्दा उठाया। सांसद बेनीवाल ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट में उल्लेख कर डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी को उजागर किया गया है। यह सीमांत क्षेत्र की बड़ी आबादी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित कर रही है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 78 वर्ष बाद भी जब देश में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है तब भी सीमांत जिलों में स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध न होना स्वास्थ्य इलाज के लिए यदि चार सौ से पांच सौ किमी दूर तक जाना पड़े तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सीएजी रिपोर्ट का उल्लेख का जिक्र करते हुए कहा कि जिला अस्पतालों में जनरल सर्जरी, बाल रोग, अस्थि रोग, आपातकालीन सेवाएं, आईसीयू, ब्लड बैंक और बर्न यूनिट जैसी न्यूनतम अनिवार्य सेवाओं का अभाव के साथ राजस्थान के 34 जिला अस्पतालों में से 12 जिला अस्पतालों में रेडियोलॉजी सेवाएं अपर्याप्त होने तथा कैथ लैब की आंशिक उपलब्धता होने को उजागर कर बताया कि यदि सामान्य अनिवार्य स्वास्थ्य सेवाएं जिला स्तर पर सरकारी सुविधाएं नहीं है तो सरकार की ओर से विकसित भारत के सपने दिखाना ही बेकार हैं। साथ ही बेनीवाल सीमांत क्षेत्र के बाड़मेर, बालोतरा जैसलमेर जिला अस्पताल में बेड की भारी कमी, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सीटी स्कैन मशीन पिछले दो वर्षों से बंद और कैथ लैब सहित संसाधनों की अनुपलब्धता होना भी बताया। कहा इन कमियों के कारण मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए जोधपुर और अहमदाबाद जैसी लंबी दूरी तक जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे गंभीर मरीजों की स्थिति और बिगड़ जाती है। सांसद बेनीवाल ने कहा कि सीमांत जिलों में रहने वाले लोगों को भी उतने ही अधिकार हैं जितने बड़े शहरों में रहने वालों को हैं, तो फिर इस प्रकार का भेदभाव का क्यों किया जा रहा है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने मांग करते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार त्वरित कार्रवाई करते हुए इन कमियों को दूर करें, पर्याप्त डॉक्टरों और विशेषज्ञों की नियुक्ति करें तथा जिले के अस्पतालों में आवश्यक मेडिकल उपकरण और उन्नत सुविधाएं शीघ्र स्थापित करें।


