जैविक विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने हेतु जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू), जोधपुर के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा ‘कोशिका एवं आण्विक जीवविज्ञान में नवीनतम नवाचारः उदित होती अंतर्दृष्टि एवं अनुप्रयोग” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 4 से 6 दिसंबर 2025 तक मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर, जोधपुर में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के मुख्य अतिथि राज्यपाल, राजस्थान एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े होंगे। सम्मेलन का संरक्षण कुलपति, प्रो. पवन कुमार शर्मा द्वारा किया जा रहा है। सम्मेलन के आयोजक समन्वयक वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. जी. एस. शेखावत है, जबकि आयोजन सचिव की जिम्मेदारी प्रो. बी. आर गाड़ी निभा रहे हैं और डॉ. खेताराम एवं डॉ. अशोक पटेल संयुक्त सचिव के रूप में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। 264 वैज्ञानिक और शोधकर्ता भाग लेंगे
तीन दिवसीय इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कुल 10 मुख्य भाषण, 24 आमंत्रित व्याख्यान, 60 मौखिक प्रस्तुतियों और 75 पोस्टर प्रस्तुतियों होंगी, जिनमें भारत और विदेश के कुल 264 वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता हिस्सा लेंगे। सम्मेलन तीन समानांतर सत्रों में संचालित होगा, जिनमें कोशिका एवं आण्विक जीवविज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी तथा कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी एवं बायोइनफॉर्मेटिक्स जैसे उन्नत विषयों पर चर्चा होगी। यूरोप अमेरिका से भी पहुंचेंगे वैज्ञानिक
सम्मेलन में इटली से प्रो. पाओलो जिउडिची और प्रो. एनरिको फ्रांसिया, बेंगलुरु के इंस्टीट्यूट ऑफ बायोइनफॉर्मेटिक्स से डॉ. अभिषेक कुमार, अमेरिका से डॉ. रमेश रलैया और प्रो. कीरी एस. राठौड़, नोएडा के शारदा विश्वविद्यालय से प्रो. एस. रमा राव, वाराणसी के बीएचयू से प्रो. आर. एन. खरवार, सिंगापुर से प्रो. पी. प्रकाश, कोरिया से प्रो. रवि गुप्ता, डेनमार्क से प्रो. चुनेराम चौधरी, गुजरात के आईआईपीएच से प्रो. महावीर गोलेचा, उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से प्रो. एस. डी. पुरोहित, उदयपुर से ही डॉ. हरीश एवं डॉ. टिकमचन्द डाकल, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय से प्रो, पवन कुमार मौर्य, भीलवाड़ा से प्रो. सुधा सुमरवार, जर्मनी से डॉ. अमित शर्मा एवं बनस्थली विद्यापीठ से डॉ. नरेंद्र शर्मा जैसे प्रतिष्ठित विशेषज्ञ मुख्य वक्ताओं के रूप में अपने नवीन शोध निष्कर्ष प्रस्तुत करेंगे। नवीन वैज्ञानिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सम्मेलन के तीनों विषय क्षेत्रों में श्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार, श्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति पुरस्कार एवं यंग रिसर्चर अवॉर्ड प्रदान किए जाएंगे। सम्मेलन के प्रथम दिवस सायंकाल शिक्षा जगत, उद्योग और कृषकों की सहभागिता के साथ एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी, जिसमें वैज्ञानिक अनुसंधान के व्यावहारिक एवं सामाजिक अनुप्रयोगों पर विशेष विमर्श होगा। इस सम्मेलन को पीएम-उषा, एएनआरएफ, सीएसआईआर एवं विभिन्न प्रमुख फंडिंग एजेंसियों का सहयोग प्राप्त हुआ है। आयोजन सचिव प्रो. बी. आर. गाड़ी ने कहा कि यह सम्मेलन कोशिका एवं आण्विक जीवविज्ञान के क्षेत्र में नई अंतर्दृष्टियाँ प्रदान करेगा, अंतरविषयक सहयोग को नई दिशा देगा तथा वनस्पति विज्ञान विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियों में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ेगा।


