भास्कर|दौसा विदेश से एमबीबीएस के बाद एफएमजीई स्क्रीनिंग के दस्तावेजों में कांट-छांट कर फर्जीवाड़ा करने के गंभीर आरोपों में दौसा से एक डॉक्टर को एसओजी टीम ने हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई सैंथल मोड़ स्थित बजरंग नगर क्षेत्र में की गई, जिससे चिकित्सा महकमें में हड़कंप मच गया। एसओजी की टीम ने स्थानीय डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) के सहयोग से सैंथल मोड़ स्थित बजरंग नगर आवास पर दबिश दी। यहां से एमबीबीएस डिग्री में कथित फर्जीवाड़ा करने के आरोपी डॉक्टर देवेंद्र गुर्जर को हिरासत में लेकर टीम तुरंत जयपुर के लिए रवाना हो गई। एसओजी की टीम द्वारा जयपुर ले जाकर आरोपी से पूछताछ की है। आरोपी डॉक्टर देवेंद्र गुर्जर पर फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएशन एक्जामिनेशन (एफएमजीई) स्क्रीनिंग से जुड़े दस्तावेजों में कांट-छांट करने का आरोप है। प्रारंभिक जांच में यह संदेह जताया गया है कि डिग्री की वैधता साबित करने के लिए दस्तावेजों में बदलाव किया गया। एसओजी इस बात की भी जांच कर रही है कि यह फर्जीवाड़ा केवल एक व्यक्ति तक सीमित है या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय है। एसओजी के इंस्पेक्टर हरपाल सिंह ने बताया कि पहले से दर्ज मेडिकल दस्तावेजों की गड़बड़ी में माले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अभी उसे गिरफ्तार नहीं किया है। जार्जिया से की थी एमबीबीएस की पढ़ाई: डॉ. देवेंद्र गुर्जर ने जार्जिया से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। इसके बाद भारत में मेडिकल प्रेक्टिस के लिए जरूरी एफएमजीई की स्क्रीनिंग प्रक्रिया में कथित रूप से गड़बड़ी की गई। अब एसओजी इसी पूरे शैक्षणिक रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। आरोपी डॉक्टर जिला अस्पताल के पूर्व नर्सिंग अधीक्षक विजय सिंह गुर्जर का बेटा है। इस कारण यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलकों में इसे लेकर चर्चाएं हो रही हैं।


