आरआई प्रमोशन घोटाला:परीक्षा में फेल पटवारी को किया पास, 10 अधिकारी-कर्मचारियों पर FIR

रेवेन्यू इंस्पेक्टर (आरआई) प्रमोशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पटवारी संघ और शासन के पत्र के आधार पर ईओडब्ल्यू ने 10 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से दो को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। बाकी 8 की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में 18 से अधिक लोगों की संलिप्तता पाई गई है। इन पर कार्रवाई की तैयारी है। परीक्षा में शामिल उन पटवारियों पर भी कार्रवाई प्रस्तावित है, जिन्हें कथित अनियमितता के जरिए प्रमोशन दिया गया। एक मामले में फेल हुए पटवारी को बाद में पास कर दिया। इसी तरह, पति-पत्नी और कुछ जगह भाइयों को साथ बैठाया गया। बता दें कि इस मामले में ईओडब्ल्यू की टीम ने 19 नवंबर को सात जिलों के 19 ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापों में एजेंसी को दस्तावेज के साथ तकनीकी सबूत मिले। एजेंसी का दावा है कि प्रमोशन परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई और प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक किए गए थे। पटवारियों को पास करने के लिए रिश्तेदारों को एक ही परीक्षा केंद्र में क्रमवार बैठाया गया। यही कारण है कि कई अभ्यर्थियों को एक समान अंक मिले। जानिए, किस तरह से प्रमोशन परीक्षा में की गई गड़बड़ी जानिए, क्या है पूरा मामला : पटवारी से आरआईई प्रमोशन की लिखित परीक्षा 7 जनवरी 2024 को आयोजित की गई थी। इसमें 2600 से अधिक पटवारी शामिल हुए। 29 फरवरी 2024 को जारी परिणाम में 216 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण हेतु चयनित घोषित किया गया, पर बाद में केवल 13 उम्मीदवारों का अंतिम चयन किया गया। इसके बावजूद 22 लोगों को नियुक्ति दे दी गई, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। इनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
इन तत्कालीन अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर हुई है। इनमें प्रेमलता पद्माकर (तत्कालीन आयुक्त सांख्यिकी), हरमन टोप्पो (सहायक आयुक्त), वीरेंद्र जाटव(सहायक अधिकारी), आशीष प्रकाश ब्रजपाल (क्लर्क), रामाज्ञा यादव (मानचित्रकार), लीला देवांगन(आरआई), ईश्वर लाल ठाकुर (बाबू), हेमंत कौशिक, जयंत यादव और राकेश डड़सेना प्यून सहित अन्य शामिल हैं। इनमें वीरेंद्र जाटव और हेमंत कौशिक को गिरफ्तार किया जा चुका है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *