रायगढ़ गोलीकांड…पिस्टल से कनपटी पर मार गोली:दूसरे साइड गले तक आया बुलेट, आरोपी बिलासपुर में पहले भी जेल जा चुका

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में RPF पोस्ट में गोलीकांड की घटना हुई, जिसमें हेड कॉन्स्टेबल पीके मिश्रा की मौत हो गई। उनके ही साथी हेड कॉन्स्टेबल कुमार सिंह लादेर ने कांच के दरवाजे के बाहर से पिस्टल से तीन गोलियां चलाईं। ये गोलियां कांच को भेदते हुए सीधे पीके मिश्रा के गले के दूसरी ओर तक चली गईं। इसके बाद आरोपी ने दरवाजा खोलकर एक और गोली चलाई, जो पीके मिश्रा की दाईं आंख के पास से छूते हुए निकल गई। मौके पर पहुंचे फोरेंसिक अधिकारियों ने जांच में इस बात की पुष्टि की। पोस्ट के कांच के दरवाजे पर गोलियों के छेद साफ नजर आए। मृतक पीके मिश्रा का शव कुर्सी पर बैठे हुए ही मिला। जबकि खून के छींटे RPF पोस्ट की जमीन और कांच के दरवाजे पर फैले हुए थे। अपने साथी को गोली मारने के बाद आरोपी पिस्टल के साथ वहीं बैठा रहा। जब अन्य RPF जवान पोस्ट पहुंचे, तो उसने उन्हें बताया कि उसने पीके मिश्रा को गोली मारी है। घटना की सूचना तत्काल जीआरपी थाना को दी गई। पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी बिलासपुर में पदस्थ रहते हुए RPF पोस्ट प्रभारी को धमकाया था। इस मामले में वह 2 सालों तक जेल में था। जेल से छूटने के बाद उसका रायगढ़ RPF पोस्ट में ट्रांसफर किया गया था। हालांकि, अभी तक हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पहले देखिए ये 4 तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, पीके मिश्रा रीवा जिले के रहने वाले थे। जबकि आरोपी केएस लादेर जांजगीर-चांपा के भाटापारा का रहने वाला है। दोनों बैचमेट थे और उनकी ड्यूटी रात में लगी थी। दोनों दोस्त थे, लेकिन छोटी-छोटी बातों पर दोनों की विचारधारा नहीं मिलती थी। 3 दिसंबर सुबह तड़के करीब 4 बजे दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई और केएस लादेर ने थाना में रखी पिस्टल से पीके मिश्रा के सिर पर 4 राउंड फायर कर दिए। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्लेटफॉर्म में हेड कॉन्स्टेबल पी. खलखो और जीपी यादव प्लेटफॉर्म ड्यूटी पर थे। साढ़े तीन साल पहले ट्रांसफर होकर आए थे पीके मिश्रा घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने तुरंत आरपीएफ के उच्चाधिकारियों को सूचित किया। जब अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे तो शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पीके मिश्रा अनूपपुर से करीब साढ़े तीन साल पहले रायगढ़ ट्रांसफर होकर आए थे। रायगढ़ में अपने परिवार के साथ रहते थे। उनकी पत्नी और बेटी वहीं रहती थीं, जबकि बेटा हैदराबाद में पढ़ाई कर रहा है। आरोपी एस लादेर अपनी पत्नी और एक बच्चे के साथ रायगढ़ में रह रहा था, जबकि उसकी बेटी और बेटा जांजगीर के भाटापारा में रहते हैं। आरोपी पहले भी जा चुका है जेल जांच में सामने आया कि आरोपी केएस लादेर साल 2019 में बिलासपुर RPF में पदस्थ था। इसी दौरान किसी विवाद को लेकर उसने अपने RPF पोस्ट प्रभारी को तलवार दिखाकर धमकाया और गाली-गलौज की थी। पोस्ट प्रभारी की शिकायत पर उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। जिसके बाद उसे जेल भेजा गया और सस्पेंड कर दिया गया था। आरोपी करीब दो साल तक जेल में रहा। जेल से रिहा होने और सेवा में बहाली के बाद उसका रायगढ़ RPF पोस्ट में तबादला किया गया था। 1 गोली और खाली खोखा बाहर मिला फोरेंसिक अधिकारी पीएस भगत ने बताया कि मृतक के सिर में कान के पास तीन गोलियां लगीं, जो आर-पार होकर गले की दूसरी ओर तक पहुंच गईं। एक गोली दाईं आंख के पास से छूते हुए बाहर निकल गई। कुल चार गोलियों के निशान मिले हैं। मौके से एक जिंदा गोली और पिस्टल की तीन खाली खोखे जमीन पर मिले। अधिकारी के अनुसार, घटना का अंतिम निष्कर्ष पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने तीन गोलियां कांच के दरवाजे के बाहर से और एक गोली दरवाजा खोलकर चलाई थी। पहले भी अरेस्ट हो चुका है रायपुर GRP के DSP एस.एन. अख्तर ने बताया कि आरोपी केएस लादेर के खिलाफ पहले भी एक पुराना मामला दर्ज है। वर्ष 2019 में बिलासपुर में तैनाती के दौरान पोस्ट प्रभारी से बहस के बाद उसने तलवार निकालकर धमकाया था।शिकायत पर उसके खिलाफ धारा 294, 506 और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया गया था। साथ ही उसे सेवा से निलंबित कर दिया गया था। आरोपी करीब डेढ़ से दो साल तक जेल में रहा। जेल से रिहा होने और बहाली के बाद वह पिछले 3-4 सालों से रायगढ़ GRP थाना में पदस्थ था। फिलहाल, हत्या के मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। …………………………………………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… RPF जवान ने हेड कॉन्स्टेबल को 4 गोली मारी:दोनों दोस्त थे, ड्यूटी के दौरान हुआ विवाद, दरवाजे के बाहर से सिर पर की फायरिंग छत्तीसगढ़ के रायगढ़ रेलवे स्टेशन में RPF पोस्ट के भीतर ड्यूटी के दौरान हेड कॉन्स्टेबल ने अपने ही साथी प्रधान आरक्षक पर गोली चला दी। गोली लगने से पीके मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलाने वाले जवान का नाम एस लादेर है। वह जांजगीर-चांपा का रहने वाला है। मृतक हेड कॉन्स्टेबल पीके मिश्रा मध्यप्रदेश के रीवा जिले के रहने वाले थे। पढ़ें पूरी खबर…

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