भारतीय किसान संघ ने सिंहस्थ क्षेत्र से लैंड पुलिंग कानून पूरी तरह निरस्त न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी है। बुधवार दोपहर ऑनलाइन आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने कहा कि सरकार ने पहले लैंड पुलिंग कानून हटाने की घोषणा की थी, लेकिन उसके बजाय संशोधन का आदेश जारी किया गया। इस आदेश के जारी होने के बाद पूरे प्रदेश के किसानों में भारी आक्रोश है। संघ की मांग है कि सात दिन के भीतर यदि सरकार गजट नोटिफिकेशन जारी कर कानून पूरी तरह निरस्त नहीं करती और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेती है। इसके अलावा टीडीएस से जुड़ी धाराएं रद्द नहीं करती, तो भारतीय किसान संघ दिसंबर के अंतिम सप्ताह से आंदोलन शुरू करेगा। जिसमें प्रदेशभर से हजारों लाखों किसान भाग लेंगे। अफसरों पर गंभीर आरोप किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी निर्माण के पीछे प्रशासनिक अधिकारियों के निजी हित हो सकते हैं, और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। बैठक में प्रांतों से जुड़े पदाधिकारियों ने खाद की कमी, मक्का व प्याज की कम कीमत, एमएसपी पर खरीदी न होने, धान खरीदी केंद्र कम होने और रात में बिजली सप्लाई जैसी समस्याएं भी उठाईं। किसान संघ ने मांग की कि मक्का और प्याज उत्पादक किसानों को तत्काल राहत राशि दी जाए।


