श्रीलंका से भारत आए बिजनेसमैन बोले- ये दूसरा जन्म:तीन दिन तूफान में फंसे रहे, लगा कि नहीं बचेंगे; दंपती ने एक-दूसरे को पहनाई माला

साइक्लोन दितवाह अब थम गया है। इसकी वजह से श्रीलंका में तीन दिन तक फंसे रहे मध्य प्रदेश के ओरछा के बिजनेसमैन गिरीश प्रेमानी भी भारत लौट आए हैं। बुधवार को वे पत्नी ईशा के साथ रामराजा सरकार के दरबार में मत्था टेकने पहुंचे। उन्होंने भगवान को राजभोग लगाया। गिरीश और ईशा ने राम राजा सरकार के दर्शन से पहले मंदिर के बाहर दरवाजे पर मत्था टेका और एक-दूसरे को माला पहनाई। गिरीश के आने की खबर सुन मंदिर में उनके परिचितों की भीड़ लग गई। दैनिक भास्कर ने उनसे बात की… प्रेमानी बोले- पल-पल मौत जैसा लगा
गिरीश से जब पूछा गया कि उन्होंने राम राजा के सामने ईशा को माला क्यों पहनाई? इसके जवाब में वे कहते हैं कि तीन दिन पल-पल मौत जैसा लगा। एक तरह से ये हमारी दूसरी जिंदगी है, इसलिए हमने एक-दूसरे को फिर से जयमाला पहनाई। ये तो हमने उसी वक्त तय कर लिया था, जब श्रीलंका में लैंड स्लाइडिंग के दौरान कार में फंसे थे। गिरीश ने बताया कि यहां आकर ऐसा लग रहा है, जैसे एक नई जिंदगी मिली है। जब मैं और ईशा दो दिन कार में रहे सिर्फ राम राजा सरकार का नाम लेते रहे। इसलिए हम श्रीलंका से वापस आने के बाद कोई दूसरा काम करने से पहले सबसे पहले यहां आए हैं। गिरीश कहते हैं कि श्रीलंका में कार में बिताए तीन दिन जिंदगी में कभी न भूलने वाले रहेंगे। हमें क्या किसी को भी इस तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। दो दिन से बंद था मोबाइल
गिरीश कहते हैं कि 30 नवंबर को मैं और ईशा कोलंबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 10 किलोमीटर दूर एक होटल में आ गए थे। थोड़ी राहत तो थी, लेकिन मन में यही लग रहा था कि अपने देश कब पहुंच जाएं। डिस्चार्ज होने की वजह से मेरा मोबाइल दो दिन से बंद था। होटल आते ही सबसे पहले अपना मोबाइल चार्ज पर लगाया। पांच मिनट बाद ही बेटे को झांसी फोन किया। कहा कि जिस भी फ्लाइट में भारत के किसी भी शहर का टिकट मिले तुरंत करा दो। करीब आधे घंटे बाद बेटे का फोन आया कि दिल्ली की डायरेक्ट फ्लाइट में टिकट नहीं मिल रहा है। इसलिए 1 दिसंबर का इंडिगो की फ्लाइट से कोलंबो से मुंबई का टिकट करा दिया है। फ्लाइट रात 10.30 बजे की है। 2 तारीख को सुबह 10.30 बजे मुंबई से इंडिगो की फ्लाइट से उसने मुंबई से दिल्ली का टिकट करा दिया। दो दिन कार में बैठे-बैठे गुजारे
गिरीश ने बताया कि बेटे की बात सुन थोड़ी तसल्ली हुई। लेकिन, दिल-दिमाग अब भी बेचैन था। दो दिन कार में बैठे-बैठे गुजारे थे। अब होटल के बंद कमरे में थे। अजीब सा लग रहा था। 1 तारीख को अपने देश पहुंचने की इतनी जल्दी दी थी कि मैं और ईशा दोपहर 2 बजे ही होटल से एयरपोर्ट के लिए निकल गए। जबकि, हमारी फ्लाइट रात 10.30 बजे की थी। हमने सोचा कि एयरपोर्ट पर चहल-पहल दिखेगी तो अच्छा लगेगा। रात करीब 9 बजे हम प्लेन में सवार हुए। फ्लाइट सही समय पर टेक ऑफ हो गई और रात 12.30 बजे मुंबई लैंड हो गई। सफर के ये दो घंटे बड़ी मुश्किल से कटे। न जाने कैसे-कैसे विचार आते रहे। मुंबई एयरपोर्ट पर कुछ सुकून सा महसूस हुआ। रात के करीब डेढ़ बज गए थे। हमारी फ्लाइट तो दूसरे दिन सुबह 10.30 बजे की थी। जैसे-तैसे लाउंज में दोनों ने बैठे-बैठे रात गुजारी। सुबह आठ बजे नाश्ता किया। लेकिन, थोड़ी देर बाद अनाउंस हुआ कि दिल्ली जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 2 घंटे की देरी से जाएगी, यानी 12.30 पर। गुस्सा तो आया पर कर क्या सकते थे। सुबह 11.30 बजे पर हम दिल्ली की फ्लाइट में सवार हुए। 2.30 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गए। बेटे ने निजामुद्दीन से दुरंतो एक्सप्रेस से झांसी का टिकट करा दिया था। करीब रात 9 बजे हम झांसी पहुंच गए। घर पहुंच कर जब अपने बच्चों और परिवार से मिले तो मन भर आया। मन में सोच लिया था कि अपने देश पहुंचने के बाद सबसे पहले राम राजा सरकार के दरबार में मत्था टेकने जाएंगे। इसलिए आज सबसे पहले यही किया। 23 नवंबर को कोलंबी एयरपोर्ट पर पहुंचे थे
गिरीश प्रेमानी के परिवार के कुछ लोगों का श्रीलंका में कारोबार है। वे परिवार की बेटी की शादी में हिस्सा लेने पत्नी ईशा के साथ झांसी से 22 नवंबर को शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए रवाना हुए। 23 नवंबर की दोपहर उन्होंने दिल्ली से वाया चेन्नई कोलंबो की फ्लाइट पकड़ी। रात करीब आठ बजे उनकी फ्लाइट कोलंबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुई थी। ‘लगा जैसे बच्चों से कभी नहीं मिल पाएंगे’
गिरीश प्रेमानी की पत्नी ईशा कहती हैं, आज हमारे लिए बड़ा और सुकून का दिन है। जब हम दो दिन तक कार में रहे तो न जाने कैसे-कैसे विचार आ रहे थे। लग रहा था जैसे ये हमारा आखिरी सफर है। अब बच्चों से कभी मिल नहीं पाएंगे। यहां बच्चे भी काफी परेशान थे। उम्मीद खत्म हो गई थी कि फिर से अपने देश भारत पहुंच पाएंगे। अब जाकर राहत महसूस हो रही है। बहुत अच्छा लग रहा है। राम राजा सरकार की वजह से हम आज फिर उनके दरबार में आ पाए हैं। यह भी पढ़ें… साइक्लोन दितवाह के चलते श्रीलंका में फंसा MP का कारोबारी श्रीलंका में दितवाह के कारण बाढ़ और लैंडस्लाइड से 123 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। चेन्नई की फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण कोलंबो एयरपोर्ट पर लगभग 300 भारतीय यात्री तीन दिन से फंसे हुए हैं। इनमें से एक गिरीश प्रेमानी भी हैं। उनका मध्य प्रदेश के ओरछा में प्रॉपर्टी का बिजनेस हैं। वे झांसी में रहते हैं। पढ़ें पूरी खबर

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