जैसलमेर जिले के देगराय क्षेत्र के ओरण के पास स्थित एक खेत की तारबंदी में बुधवार शाम एक प्रवासी पक्षी कुरजां फंस गई। खेत मालिक द्वारा सूचना मिलते ही स्थानीय वन्यजीव प्रेमी मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल हुई कुरजां को कई मिनट की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। समय पर किया गया यह रेस्क्यू पक्षी की जान बचाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ। वन्यजीव प्रेमी सुमेर सिंह ने घायल पक्षी को सुरक्षित रेस्क्यू कर वन विभाग की टीम को सौंपा। अब वन विभाग की टीम घायल पक्षी की देखभाल करेगी। खेत की तारों में फंसा प्रवासी पक्षी घटना बुधवार शाम की है, जब देगराय ओरण क्षेत्र में बड़ी संख्या में कुरजां विचरण कर रही थीं। इसी दौरान एक कुरजां खेत की कंटीली तारबंदी से टकराकर उलझ गई। कंटीले तारों में बुरी तरह फंसी कुरजां लगातार छटपटाती रही, जिससे उसके पंख और गर्दन पर गहरे घाव हो गए। ग्रामीणों ने जब घायल पक्षी को देखा तो तुरंत वन्यजीव प्रेमियों को सूचना दी। वन्यजीव प्रेमी सुमेरसिंह भाटी, थानाराम और देवीसिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए सावधानी से कंटीले तारों को अलग करते हुए कुरजां को निकालने का प्रयास शुरू किया। करीब पंद्रह मिनट की कठिन मशक्कत के बाद पक्षी को तारों से बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के तुरंत बाद घायल कुरजां को प्राथमिक इलाज के लिए हॉस्पिटल भेजा गया, जहां पशु चिकित्सकों ने उसके पंखों के जख्मों की सफाई कर दवा लगाई। वन विभाग करेगा घायल पक्षी की देखभाल सूचना मिलते ही लाठी वन विभाग के वनरक्षक रामलाल सहित विभागीय टीम भी मौके पर पहुंची। वन्यजीव प्रेमियों ने कुरजां को विभागीय अधिकारियों को सौंप दिया, ताकि आगे उसकी उचित देखभाल हो सके। वन विभाग के अनुसार घायल पक्षी की हालत अब स्थिर है और वह कुछ दिनों में पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर उड़ान भर सकेगी। तारबंदी बनी प्रवासी पक्षियों की मुसीबत स्थानीय लोगों ने वन्यजीव प्रेमियों के इस मानवीय प्रयास की सराहना की है। क्षेत्र में हर साल बड़ी संख्या में प्रवासी कुरजां पहुंचती हैं, लेकिन खेतों में कंटीली तारबंदी उनके लिए खतरा बनी रहती है। ग्रामीणों और वन विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे ऐसे क्षेत्रों में तारबंदी को सुरक्षित बनाएं, ताकि प्रवासी पक्षियों को नुकसान न हो। यह घटना वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी संदेश देती है।


