गुना शहर के हनुमान चौराहे के पास स्कूटी की टक्कर से घायल चाय गुमटी संचालक ने 15 दिन जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया। 19 नवंबर को स्कूटी सवार तीन लड़कियों ने उसे टक्कर मारी थी। बुधवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गुरुवार सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक परिवार में अकेला कमाने वाला था। जानकारी के अनुसार, शहर की अन्नपूर्णा कॉलोनी निवासी रामू चौरसिया (40) हनुमान चौराहे के पास चाय की गुमटी चलाता था। 19 नवंबर की दोपहर वह आसपास की दुकानों पर चाय देकर अपनी गुमटी पर लौट रहा था। तभी पीजी कॉलेज की तरफ से आ रही एक स्कूटी (MP 08 ZJ 0613) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। एक स्कूटी पर सवार थीं 3 युवतियां
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कूटी पर तीन युवतियां सवार थीं। वहां खड़ी एक बस को क्रॉस करते वक्त युवतियों ने सामने से रामू को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही रामू जमीन पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके से भाग निकलीं लड़कियां
हादसे के बाद मौका पाकर युवतियां वहां से भाग निकलीं। इस घटना में घायल का मोबाइल भी गुम हो गया। वहां मौजूद लोगों ने रामू को उठाकर जिला अस्पताल पहुंचाया। हाथ-पैर में था फ्रैक्चर, परिवार पर संकट
रामू के एक हाथ और पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था। पिछले 15 दिनों से जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन बुधवार देर रात उसकी मौत हो गई। वह अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसकी मौत से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।


