इंदौर में निकला केसरिया शौर्य संचलन:महासमर भूमि शिविर का समापन, प्रशिक्षण में शामिल 1250 से अधिक युवाओं ने निकाली यात्रा

शहर से लगे हुए ग्राम बुढ़ानिया में 5 दिनों से चल रहे जय राजपूताना संघ के महासमर भूमि शिविर का समापन गिरी सुमेल बलिदान दिवस पर हुआ। समापन अवसर पर केसरिया साफा पहने राजपूत युवाओं ने बड़ा गणपति से महाराणा प्रताप चौराहे तक शौर्य संचलन निकाला। जय राजपूताना संघ के संस्थापक भंवर सिंह रेटा ने अपने संबोधन में कहा, गिरी सुमेल की युद्धभूमि में राव कुपा और जेता के नेतृत्व में केवल 5000 राजपूत वीरों ने शेरशाह सूरी की 60,000 मुगल सेना को परास्त किया था। यह क्षत्रिय शौर्य का अनुपम उदाहरण है। शेरशाह को यह स्वीकार करना पड़ा कि मुट्ठी भर बाजरे के लिए उसने हिंदुस्तान की सत्ता खोने का खतरा मोल ले लिया। युवाओं को शस्त्र और शास्त्र का प्रशिक्षण शिविर के दौरान 1250 से अधिक युवाओं को शस्त्र संचालन, तलवारबाजी, निशानेबाजी, दंड संचालन और साफा बांधने का प्रशिक्षण दिया गया। भंवर सिंह रेटा ने कहा कि शिविर के माध्यम से युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपरा के प्रति जागरूक किया गया। प्रदेश संयोजक लाखन सिंह कठोड़िया ने कहा कि शिविर युवाओं में संस्कार और अनुशासन विकसित करने का माध्यम है। संचलन के दौरान क्षत्रिय अनुशासन और शौर्य की अद्भुत छटा देखने को मिली। शौर्य संचलन की अगुवाई जय राजपूताना संघ के संस्थापक भंवर सिंह रेटा ने की। इस अवसर पर संघ के प्रदेश संरक्षक लाखन सिंह पालाखेड़ी, शिविर प्रमुख गोपाल सिंह बरोली और प्रदेश कार्यकारिणी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। रेटा ने कहा कि संचलन के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि क्षत्रिय अपने कुल गौरव और परंपरा को कभी नहीं भूलता। जब भी राष्ट्र को हमारी आवश्यकता होगी, हम अपना सर्वस्व अर्पित करने को तैयार रहेंगे।

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