देवी अहिल्या राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह शहर के लिए एक प्रतिष्ठा प्रसंग है। इस बार देश में राम मंदिर की स्थापना का जो महती कार्य संपन्न हुआ है, उसको देखते हुए मंदिर निर्माण के संघर्ष में भाग लेने वाले ज्ञात अज्ञात कारसेवकों तथा भव्य राम मंदिर के निर्माण सहयोगियों को यह पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत पुरस्कार प्रदान करेंगे। शहरवासियों को इस आयोजन की गरिमा के अनुसार अनुशासनबद्ध होकर इसमें शामिल होना चाहिए। यह बात पूर्व लोकसभा स्पीकर तथा अहिल्या उत्सव समिति के अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने अहिल्या स्मृति सदन में आयोजित एक वृहद बैठक को संबोधित करते हुए कही। बैठक का आयोजन 13 जनवरी शाम 5:30 लता मंगेशकर सभागृह में आयोजित देवी अहिल्या राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह की तैयारी को लेकर किया गया था। महाजन ने कहा कि कई वर्षों से समिति देशभर में विशिष्ट कार्य करने वालों का यह प्रतिष्ठित पुरस्कार देती है। इस बार इस पुरस्कार के लिए समिति ने राम मंदिर संघर्ष तथा निर्माण आयोजन में भाग लेने वालों को इससे समर्पित किया है। इस भाव को देखकर ही इन सबके प्रतीक स्वरूप राम जन्मभूमि तीर्थ न्यास के महामंत्री चंपत राय ने यह पुरस्कार लेना स्वीकार किया है। इसी पवित्र भाव एवं राम मंदिर निर्माण को सदी के सर्वश्रेष्ठ आयोजन की मान्यता देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत इस पुरस्कार को प्रदान करने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में आयोजन में भाग लेने हेतु तत्पर हुए हैं। विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठन के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए ताई ने कहा कि आयोजन में समय की प्रतिबद्धता के साथ अनुशासन भी बना रहे इसका सभी को ध्यान रखना चाहिए। अहिल्या उत्सव समिति के कार्य अध्यक्ष अशोक डागा, सचिव सरयू वाघमारे एवं मीडिया प्रभारी रामस्वरूप मूंदड़ा ने बताया कि इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी ने इसे दुर्लभ प्रसंग बताते हुए कहा कि हम सभी को इस आयोजन की सफलता के लिए अभी से जुट जाना चाहिए। कार्याध्यक्ष अशोक डागा ने अभी तक के कार्य प्रगति से अवगत कराया एवं सभी से निवेदन किया कि जो लोग भी निमंत्रण पत्र लेकर जा रहे हैं वे व्यक्तिश: निमंत्रण वितरित करें। बैठक में पार्षद प्रशांत बडवे, सुरेश टाकलकर, कंचन गिदवानी, गजानंद गावडे, माला ठाकुर, सुधीर दांडेकर, अनिल भोजे, ज्योति तोमर, राजेश अग्रवाल, वृंदा गौड़, दीपक पैठकर, अमित आमनापुरकर, निलेश केदारे, सौरभ खंडेलवाल, देवेंद्र ईनानी, कपिल शर्मा सहित बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।


