राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने आज जोधपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मारवाड़ कन्वेंशन सेंटर में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के द्वारा आयोजित किए जा रही इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया। इस दौरान जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति पवन कुमार शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। कार्यक्रम में बोलते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि पेड़ काटना हमारे यहां अपराध है। राजस्थान का मैंने एक उदाहरण पढ़ा कि पेड़ों की रक्षा के लिए यहां जोधपुर में मां अमृता देवी ने बलिदान दे दिया। उनके साथ 363 लोगों ने बलिदान दे दिया। पेड़ को लेकर श्रद्धा भक्ति और प्रेम भारत में है। सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय में भी मां अमृता देवी पार्क बनाया गया। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि भारत मे वैदिक काल से ही पेड़ों को लेकर चिंतन होता रहा है । यह चिंतन पेड़ पौधों तक ही सीमित नहीं रहा। उनके अंदर की चीजों और जीवन को लेकर भी चिंतन होता रहा है। महर्षि चरक ने भी यह कहा था प्राणियों के भांति वृक्षों में भी चेतना होती है । साथी उन्होंने कहा की वनस्पतियों से हमें आयुर्वेदिक दवाइयां भी मिलती है रिसर्च पर बढ़ा खर्च बागड़े ने कहा कि देश पिछले 10 -12 साल में रिसर्च को काफी बढ़ावा दिया जा रहा है। रिसर्च स्टूडेंट को सरकार सारा खर्चा दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर फोकस किया है और खर्चा बढ़ाया है। इससे कितना लाभ होता है यह आप सभी को पता है उन्होंने कहा कि कोरोना आया तो लोग कहते थे कि भारत में काफी संख्या में लोग मारेंगे क्योंकि यहां लोग पास पास रहते हैं। दिन में कई बार एक दूसरे से कई बार मिलते हैं। लेकिन भारत ने जल्द ही वैक्सीन बनाकर सभी लोगों को लगाई। इससे देश से कोरोना जल्द खत्म हुआ। तीन दिन चलेगा सम्मेलन जैविक विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने हेतु जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा ‘कोशिका एवं आण्विक जीवविज्ञान में नवीनतम नवाचारः उदित होती अंतर्दृष्टि एवं अनुप्रयोग” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 4 से 6 दिसंबर 2025 तक मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर, जोधपुर में आयोजित किया जा रहा है। 264 वैज्ञानिक और शोधकर्ता भाग लेंगे तीन दिवसीय इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कुल 10 मुख्य भाषण, 24 आमंत्रित व्याख्यान, 60 मौखिक प्रस्तुतियों और 75 पोस्टर प्रस्तुतियों होंगी, जिनमें भारत और विदेश के कुल 264 वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता हिस्सा लेंगे। सम्मेलन तीन समानांतर सत्रों में संचालित होगा, जिनमें कोशिका एवं आण्विक जीवविज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी तथा कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी एवं बायोइनफॉर्मेटिक्स जैसे उन्नत विषयों पर चर्चा होगी।


