मध्य प्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड के तत्वावधान में वन परिक्षेत्र मुरैना के तहत ‘अनुभूति कार्यक्रम 2024-25’ का विशेष ईको कैंप हुआ। 126 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। कैंप की थीम ‘मैं भी बाघ’ और ‘हम हैं बदलाव’ रखी गई, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जंगलों के महत्व को समझाना था। रविवार सुबह 7:30 बजे सुरजनपुर के सीएम राइज हायर सेकेंडरी स्कूल से स्टूडेंट्स को बस से शनिचरा वन चौकी लाया गया। यहां सभी को कैप, अनुभूति पुस्तिका और बाघ मास्क दिए गए। औषधीय पौधों की जानकारी दी गई
शनिचरा ऐंती पर्वत पर आयोजित नेचर ट्रेल में छात्रों को 1 किलोमीटर के सफर के दौरान जंगल में पाए जाने वाले औषधीय पौधों और वृक्षों की जानकारी दी गई। अनुभूति मास्टर ट्रेनर जे.के. चंद (सेवानिवृत्त एसडीओ), डॉ. विनायक सिंह तोमर, उपवनमंडलाधिकारी माधु सिंह सिसोदिया, अधीक्षक देवरी, और वन परिक्षेत्र अधिकारी श्रीमती श्वेता त्रिपाठी ने बच्चों को मार्गदर्शन दिया। ट्रेनर ने बच्चों को जंगल और जैव विविधता के महत्व से परिचित कराया। बटेश्वर मंदिर परिसर में परीक्षा और पुरस्कार वितरण
नेचर ट्रेल के बाद सभी को बटेश्वर मंदिर परिसर में ले जाया गया। जहां भोजन के बाद प्रतिभागियों की एक लिखित परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में सभी छात्रों और शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। देखिए तस्वीरें…


