प्रयागराज के महाकुंभ मेला क्षेत्र में आज रविवार को नेत्र कुंभ का श्रीगणेश हो गया। यहां 5 लाख से ज्यादा नेत्ररोगियों का मुफ्त इलाज किया जाना है। उद्घाटन जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन संस्कृति का मूल तत्व परमार्थ है। दान हमारी संस्कृति की सुदीर्घ अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि नेत्र कुंभ के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन में रोशनी आयेगी। वे इंद्रधनुषी दुनिया को देख सकेंगे। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डाॅ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर विश्व का सबसे बडा आध्यात्मिक स्थल बन गया है। जबकि उसके निर्माण के अभी एक वर्ष भी पूरे नहीं हुए हैं। यह श्रीराम की कृपा का देश है। हिन्दू समाज अब जाग रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के संगम तट पर हजारों साल से कुंभ के अवसर पर हिन्दू समाज एकत्र होता आ रहा है। यहां आकर लोग आध्यात्मिक साधना करते हैं। पूरे विश्व में इतनी आस्था किसी नदी में नहीं है जितनी गंगा में है। उन्होंने कहा कि नेत्र कुंभ समाज को यह संदेश देगा कि अब कोई नया दृष्टि बाधित नहीं बनेगा। जो पहले से दृष्टि बाधित है, वह भी रोशनी प्राप्त कर सकेगा। इस अवसर पर श्री रणछोड़दास बापूजी ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी प्रवीन भाई बसानी एवं सक्षम के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद राज ने भी विचार व्यक्त किये। यह भी रहे उपस्थित इसके पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर नेत्र कुंभ का उद़घाटन किया। आयोजन समिति के महाप्रबंधक सत्य विजय सिंह, मीडिया कोआर्डिनेटर डाक्टर कीर्तिका अग्रवाल, डाक्टर कमलाकर सिंह, सतपाल गुलाटी, सत्यवीर सिंह आदि ने माल्यार्पण कर अतिथियों का स्वागत किया। सक्षम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री चंद्रशेखर ने नेत्र कुंभ के आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। आयोजन समिति के महासचिव सर्वज्ञ राम मिश्र ने अतिथियों का स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष कविन्द्र प्रताप सिंह ने किया। कार्यक्रम में समिति के कोषाध्यक्ष सतीष अग्रवाल आदि भी उपस्थित थे।


