पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार केस में गिरफ्तार DIG हरचरण सिंह भुल्लर को फिलहाल राहत देने से साफ मना कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि भुल्लर की तरफ से मांगी गई राहत असल में “अंतिम फैसले” के बराबर है, इसलिए इस स्टेज पर कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता। भुल्लर ने अपनी याचिका में कहा था कि अगर उन्हें और हिरासत में रखा गया तो यह “न्याय के उद्देश्यों के लिए नुकसानदायक” होगा। अदालत ने कहा कि मुकदमे पर बहस पहले से चल रही है, इसलिए अब अंतरिम राहत देना उचित नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि जब मांगी गई अंतरिम राहत ही अंतिम राहत जैसी हो, तो इस स्तर पर कोर्ट ऐसा आदेश नहीं दे सकती। भुल्लर ने अपने अरेस्ट को ही चुनौती दी थी। कोर्ट का बड़ा सवाल IPS अधिकारी किसके कर्मचारी होते हैं? सुनवाई की शुरुआत में ही कोर्ट ने अहम सवाल उठाया IPS अधिकारी किसके कर्मचारी माने जाते हैं?” इस पर कोर्ट ने सरकार से ऑल इंडिया सर्विसेज एक्ट और उसके नियम पेश करने को कहा । ये सवाल इसलिए उठा क्योंकि पिछली सुनवाई में भुल्लर के वकील ने तर्क दिया था कि CBI केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर ही कार्रवाई कर सकती है, खासकर चंडीगढ़ जैसे केंद्र शासित क्षेत्र में। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार के पास अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की ताकत है, लेकिन अंतिम अधिकार किसका है यह पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए।” भुल्लर की ओर से यह भी कहा गया कि वे पंजाब कैडर के IPS अधिकारी हैं, इसलिए कार्रवाई करने का अधिकार पंजाब सरकार का है।उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि IAS अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए हमेशा उसी राज्य की अनुमति ली जाती है जिसके कैडर से अधिकारी संबंधित होता है। CBI किसकी जांच कर सकती है? सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह मुद्दा भी उठाया कि क्या दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेबलिशमेंट एक्ट के तहत बनी CBI, बिना खास आदेश के, सिर्फ केंद्र सरकार के कर्मचारियों को ही जांच सकती है या अन्य अधिकारियों की भी जांच कर सकती है? यह वही सवाल है जो पिछली सुनवाई में भी उठा था, और अब कोर्ट इस पर स्पष्ट जवाब चाहता है। इससे पहले सीबीआई कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डीआईजी व दूसरे आरोपी की पेशी हुई। दोनों 14 दिन की जुडीशियल कस्टडी में थे। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 10 जनवरी 2026 को अगली डेट दी है 300 पेज की चार्जशीट दाखिल डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर मामले में बुधवार को सीबीआई ने स्पेशल सीबीआई कोर्ट में 300 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें जांच टीम ने आरोपी भुल्लर व बिचौलिए कृष्नु को ही आरोपी बनाया है। दौरान सीबीआई को बिचौलिए कृष्नु के घर से एक डायरी मिली थी जिसमें पंजाब के कई ब्यूरोक्रेटस अफसरों के नाम व बैंक खाता नंबर भी लिखे मिले थे। जांच टीम ने इन सभी ब्यूरोक्रेटस व 2 ज्यूडिशियल अफसरों के नाम ही चार्जशीट में शामिल नहीं किए हैं। वहीं, दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज करप्शन के मामले में जांच टीम ने बीएनएस की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 12 भी जोड़ दी है। भुल्लर व बिचौलिए के खिलाफ दर्ज करप्शन व आय से अधिक संपत्ति के दर्ज दोनों मामलों में वीरवार को सीबीआई कोर्ट में सुनवाई होगी। दरअसल सीबीआई ने 16 अक्तूबर, 2025 को मंडी गोबिंदगढ़ निवासी आकाश बत्ता की शिकायत पर बिचौलिए कृष्नु व रोपड़ रेंज के डीआईजी एचएस भुल्लर को गिरफ्तार किया था। इन दोनों के खिलाफ सीबीआई ने शिकायत के आधार पर पीसी एक्ट 7 व 7ए के तहत केस दर्ज किया था। जांच टीम को भुल्लर के घर पर रेड करने के दौरान 7.32 करोड़ रुपए की नकदी के अलावा करीब 2.5 किलो सोने की ज्वेलरी, 24 महंगी घडिय़ां और उसके फॉर्म हाउस से अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब की मामले में जांच के बोतलें बरामद हुई थी। बैंक खाते और संपत्ति की जांच सूत्रों के मुताबिक ईडी ने भी सीबीआई की एफआईआर के आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।ईडी भुल्लर के बैंक खातों, लेन-देन और उनकी बेनामी संपत्तियों की जांच कर रही है। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने भुल्लर के चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित घर पर छापेमारी की थी। जांच टीम को घर से साढ़े सात करोड़ रुपए नकद, ढाई किलो सोना और कई बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले थे। इन बरामदगियों के बाद सीबीआई और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज कर लिया था। जानिए, CBI को पंजाब के अफसरों के बारे में क्या जानकारी मिली… DIG से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले: CBI ने DIG भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। CBI सोर्सेज के मुताबिक DIG भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर भूपिंदर सिंह के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। इस पूछताछ में CBI को ऐसे 14 अफसरों का पता चला। जिसमें 10 IPS और 4 IAS अधिकारी थे। CBI ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 IPS में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 IAS अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद CBI ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे। बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल से 50 अफसरों के लिंक मिले: CBI कोर्ट में DIG हरचरण भुल्लर और बिचौलिए कृष्नु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। जिसमें कहा गया कि पिछले रिमांड में कृष्नु शारदा के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाली गईं। जिसके जरिए पता चला कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था। CBI ने डेटा के आधार पर बताया कि कृष्नु अफसरों के साथ मिलकर न केवल केसों की जांच को प्रभावित करता था बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर FIR दर्ज करवाने या पहले से दर्ज FIR खारिज करवाने तक का काम करता था। ऐसे करीब 50 अफसर हैं, जिनमें IAS और IPS अफसर भी शामिल हैं।


