जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए पूर्व मंत्री महेश जोशी ने आज ईडी कोर्ट पहुंचकर पासपोर्ट सरेंडर किया। जोशी सुबह ईडी कोर्ट पहुंचे। उन्होंने कोर्ट में अपना पासपोर्ट जमा करवाया। बता दें कि जोशी को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत देते हुए पासपोर्ट सरेंडर करने और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ने की शर्त लगाई थी। जोशी ने कहा- वे केस के मामले में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। अभी तक वो जेल में थे। अब जमानत पर बाहर आए हैं। पहले चार्जशीट का अध्ययन करेंगे और कोशिश करेंगे कि हर पेशी पर कोर्ट में स्वयं उपस्थित रहें। उन्होंने कहा- कोर्ट ने उनसे केस से संबंधित कई जानकारी ली थी। उनके पास जो भी जानकारियां थी, उसे उन्होंने कोर्ट से साझा किया। करीब 7 महीने जेल में रहे जोशी
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद महेश जोशी बुधवार शाम जयपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए। जोशी करीब 7 महीने जेल में रहे। जोशी को 900 करोड़ के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में 24 अप्रैल को ईडी ने गिरफ्तार किया था। राजस्थान हाईकोर्ट ने 26 अगस्त को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद जोशी ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। जोशी ने अपनी जमानत याचिका में कहा- पैसा जोशी के बेटे की फर्म के लिए लिया था, लेकिन लौटा दिया था। वहीं ईडी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि पैसा लौटाने से अपराध की गंभीरता कम नहीं होती है। सुप्रीम कोर्ट में 3 दिसंबर को जस्टिस दीपांकर दत्ता व जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने जोशी को जमानत दे दी थी।


