लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मरीजों को पत्तल में खाना दिया जा रहा है। खुले पत्तल में खाना मिलने से कई मरीज भोजन करने से परहेज कर रहे हैं। भोजन खुला होना से वह जल्द ही ठंडा हो जाता है। इतना ही नहीं खाना संक्रमित होने की आशंका रहती है। लोहिया संस्थान में करीब 1200 बेड हैं। संस्थान में भर्ती मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर भोजन दिया जाता है। अस्पताल में भोजन पत्तल में वितरित किया जा रहा है। जिस मेज पर मरीजों के इलाज से संबंधित दस्तावेज रखे जाते हैं। डॉक्टर उसी मेज पर मरीजों की फाइल पर दवाएं व जांच आदि लिखते हैं। उसी पर कर्मचारी खाना से भरा पत्तल रखकर जा रहे हैं। संक्रमण का खतरा कई बार तीमारदार खाना वापस लौटा रहे हैं। वही कुछ मरीज खाना लेने के बाद उसे खाने परहेज कर रहे हैं। तीमारदारों का कहना है कि प्लेट खुली होने से भोजन जल्द ठंडा हो रहा है। वहीं पत्तल की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। इसकी वजह से तमाम तरह के संक्रमण हो सकते हैं। गुरुवार को इमरजेंसी वार्ड से किसी तीमारदार ने पत्तल में भोजन परोस जाने की फोटो सोशल मीडिया में वायरल कर दी। दूसरे संस्थानों में पैक करके दिया जाता खाना SGPGI-KGMU में भी मरीजों को भोजन मुहैया कराया जाता है। किचन से प्लेट में खाना लगाकर उसे पन्नी से सील कर मरीजों के बेड तक पहुंचाया जा रहा है ताकि खाने की गुणवत्ता बनी रहे। वहीं धूल गुर्दा और दूसरे संक्रमण से भोजन को बचाया जा सके।


