22 साल पहले मृत हो चुके व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर, फोटो और पहचान का इस्तेमाल कर जमीन की रजिस्ट्री करने का मामला सामने आया है। पीड़ित 70 वर्षीय वृद्ध ने बताया कि आरोपी उनकी जमीन हड़पने का प्रयास कर रहे है। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में शिकायत की। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्जकर मामले की जांच शुरू की। 1982 में 200 गज के प्लॉट का कराया था एग्रीमेंट साकेत नगर निवासी 70 वर्षीय छोटेलाल के अनुसार वर्ष 1982 में हंसराज डंग ने 24 हजार रुपये लेकर डब्लू-वन ब्लॉक में 200 गज के प्लॉट का एग्रीमेंट किया था। वर्ष 1983 में वसीयत से उनके नाम प्लॉट लिखकर वह भोपाल चले गए। जिसके बाद 14 फरवरी 2002 को उनका निधन हो गया। आरोप है कि प्रवीन तलवार उसके पुत्र रचित और पप्पू सविता ने हंसराज डंग के निधन के बाद उनके फर्जी हस्ताक्षर, फोटो व पहचान का प्रयोग कर उनके स्थान पर किसी व्यक्ति को खड़ा किया। फर्जी व्यक्ति व दस्तावेजों की मदद से 19 अक्टूबर 2024 को रजिस्ट्री करवा ली। मार्च 2025 को आरोपित पक्ष के कुछ लोग फर्जी दस्तावेज दिखाकर मकान खाली करने की धमकी देने लगे। जिसके बाद उन्होंने अपने बेटे को हंसराज के घर भेजा तो 2002 में उनकी मृत्यु होने की जानकारी हुई। आरोपियों की शिकायत पुलिस से करने के बावजूद उनके राजनैतिक दबाव के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उन्होंने मामले की शिकायत कोर्ट में की। जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया। कोतवाली थाना प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की जा रही है।


