मैनपाट में बिना सहमति माइनिंग सरगुजा के अस्तित्व पर हमला

भास्कर न्यूज | अंबिकापुर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सरगुजा और विशेष रूप से मैनपाट क्षेत्र में हो रही अनियंत्रित माइनिंग गतिविधियां पूरे इलाके के अस्तित्व व पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मैनपाट के कई ग्रामों में बिना ग्रामसभा की सहमति लिए खनन की तैयारी की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है और पर्यटन की संभावनाएं समाप्त होती दिख रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ पर्यटन बढ़ाने की बात करती है और दूसरी तरफ बड़े पैमाने पर माइनिंग को बढ़ावा दे रही है, जो स्थानीय लोगों के साथ धोखा है। भगत ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन राजस्व वृद्धि के नाम पर धूल और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। घुनघुट्टा व मछली नदी सहित अन्य जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाने की भी उन्होंने चिंता जताई। पूर्व मंत्री ने भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार के भू-अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन प्रशासन और कंपनियां इसके विपरीत कार्य कर रही हैं, जो किसानों के साथ अन्याय है। भगत ने कहा कि बिना किसानों की सहमति और रोजगार व्यवस्था के खनन शुरू करना जनभावना के विरुद्ध है। भगत ने कहा कि सरगुजा, रायगढ़ और कोरबा क्षेत्र में अंधाधुंध पेड़ कटाई और खनिज खनन से हाथियों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है। इसके कारण हाथी लगातार मानव बस्तियों में प्रवेश कर रहे हैं और जनहानि, फसल हानि और मकान क्षति की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि फसल हानि पर लागत का दोगुना, मकान क्षति पर शौचालय युक्त तीन कमरे का पक्का मकान और जनहानि पर 25 लाख रुपए मुआवजा दिया जाए। हाफ बिजली बिल योजना समाप्त होने पर सवाल भगत ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की 400 यूनिट हाफ बिजली बिल योजना बंद कर दी गई है और अब 200 यूनिट योजना लागू करने की बात कही जा रही है, जो लोगों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि सरकार दो साल का जश्न मनाने की तैयारी कर रही है, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास की स्थिति संतोषजनक नहीं है। स्टाम्प शुल्क बढ़ने, स्कूल बंद होने और शराब दुकानों में वृद्धि को लेकर भी उन्होंने सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।

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