भास्कर संवाददाता | चूरू जिले के 16 पीएम श्री स्कूलों को शिक्षा सत्र के 5 महीने निकल जाने के बाद विभिन्न शैक्षिक एक्टिविटी कराने के लिए अब बजट जारी किया है। इन स्कूलों को 2.87 करोड़ का बजट मिला है। प्रत्येक स्कूल के लिए 17.98 लाख रुपए हैं। अगले 3 महीने में इसे खर्च कर संस्था प्रधान को प्रमाण पत्र देना होगा। देश में चुनिंदा सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र ने पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) स्कूल योजना लागू की है। इसका मकसद स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और मौजूदा सिस्टम को बेहतर बनाना है। इस योजना में जिले के 16 पीएमश्री स्कूल चुने जा चुके हैं। 7 पिछले साल व 9 इस सत्र में चिह्नित किए गए। इन्हें मॉडल स्कूल के रूप में डवलप करने के लिए यहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई के साथ खेल, कला और व्यावसायिक शिक्षा देना भी शामिल है। इन स्कूलों के विद्यार्थियों के पढ़ाई के स्तर पर सुधार के लिए नई पढ़ाने विधि एवं उन्नत तकनीक को काम लेना है। ^पीएमश्री स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई, शैक्षिक एवं सह शैक्षिक वातावरण एवं विभिन्न एक्टिविटी कराने का बजट मिला है, जिसे जारी कर दिया है। संस्थाप्रधानों को इसी सत्र में ये एक्टिविटी करवानी होंगी। इसके लिए गुरुवार को कार्यशाला में प्रधानाचार्य एवं एसएमसी व एसडीएमसी सदस्यों को जानकारी दी गई। -सरिता आत्रेय, एडीपीसी, समसा पीएमश्री स्कूलों के डवलपमेंट के लिए केंद्र सरकार की ओर से बजट जारी किया जाता है। ये बजट स्कूल में पहुंचते-पहुंचते शिक्षा सत्र के कई महीने निकल जाते हैं। हालात ये है कि संस्थाप्रधान बजट का इंतजार किए बिना खुद के स्तर एक्टिवटी करवा रहे है। पिछले सत्र का बजट फरवरी-मार्च में आया था। इस बार नवंबर में बजट जारी किया है, जिसे मार्च से पहले खर्च करके उपयोगिता प्रमाण-पत्र संस्थाप्रधान को भिजवाना होगा। पिछले साल समसा से रिटायर हुए एडीपीसी सांवरमल गहनोलिया ने भी इस बात को स्वीकार किया कि उनके कार्यकाल के दौरान भी बजट देरी से जारी हुआ। मार्च तक उसे खर्च करने का संस्थाप्रधानों पर दबाव रहता है। संस्था प्रधान बोले-अब बजट मिलने पर पेमेंट कर देंगे : बीदासर, राजगढ़, चूरू, सरदारशहर व तारानगर सहित कई स्कूलों के संस्था प्रधानों का कहना है कि एक साथ सारी गतिविधियां करवाना संभव नहीं है, इससे पढ़ाई डिस्टर्ब होती है। इसलिए बजट आने से पहले ही हमने अपने खर्चे पर एक्टिविटी शुरू करवा दी। बीदासर ब्लॉक के स्कूल के संस्था प्रधान नरेश थालौड़ ने बताया कि व्यावसायिक भ्रमण सहित कुछ गतिविधियां पहले ही करवा दी। बजट मिलने पर पेमेंट कर देंगे। हमीरवास पीएमश्री स्कूल प्रधानाचार्य राजपाल व तारानगर पीएमश्री बालिका स्कूल की प्रधानाचार्य कमलेश का कहना है कि कुछ इवेंट करवा दिए हैं। ये एक्टिविटी करानी हैं : पीएमश्री स्कूलों में राष्ट्रीय आविष्कार कार्यक्रम के तहत एक्सपोजर विजिट, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की कार्यशाला, गणित व साइंस स्किल जैसी एक्टिविटी करवानी हैं। {वहीं सांस्कृतिक खेल एवं वार्षिक दिवस समारोह, 21वीं सदी के कौशल के तहत प्रबल कार्यक्रम सहित अन्य एक्टिविटी करवानी हैं। {एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत यूपीएस एवं सीनियर पीएमश्री स्कूलों में प्रति स्टूडेंट्स एक्टिविटी के लिए बजट जारी हुआ है। टीचिंग लर्निंग मटेरियल के तहत प्राइमरी कक्षा के बच्चों की एक्टिविटी, जादुई पिटारा एवं प्ले मैट एवं डिस्प्ले बोर्ड की एक्टिविटी का बजट मिला है। {पीएमश्री स्कूल के 50 स्टूडेंट्स एक्सपोजर विजिट के लिए 25 हजार, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की प्रति स्कूल में कार्यशाला के लिए 15-15 हजार, गणित स्किल के लिए 15 हजार प्रत्येक स्कूल के लिए बजट दिया गया है। इसी प्रकार अन्य मदों के लिए बजट जारी किया गया है। ये सब अगले तीन महीने में करवाने होगी। बीदासर ब्लॉक में तापड़िया सरकारी उमावि, चूरू में खंडवा का राउमावि, राजगढ़ में हमीरवास का राउमावि, रतनगढ़ के सीतसर का राउमावि, सरदारशहर के खेजड़ा का राउमावि, सुजानगढ़ के खारिया कनीराम का राउमावि व तारानगर में धीरवास बड़ा का राउमावि पीएमश्री में शामिल है। बीदासर का धापू देवी राबाउमावि, रतननगर में बुधिया राबाउमावि, चूरू सिटी में बागला राउमावि, राजगढ़ में मोहता बालिका उमावि, राजलदेसर में यूनियन क्लब उमावि, रतनगढ़ में भुवालका बालिका उमावि, सरदारशहर में टांटिया बालिका उमावि, सुजानगढ़ कनोई बालिका राउमावि एवं तारानगर शारडा राउमावि शामिल है।


