भास्कर न्यूज | अमृतसर अमृतसर में तय मसौदे से तीन महीने पहले कूड़ा प्रबंधन का काम छोड़ने वाली दुबई की अवर्डा कंपनी अपने 9 वेंडर्स के 8.24 करोड़ रुपए भी हड़प कर गई है। इसी के साथ कंपनी ने निगम और जीएसटी विभाग 2.52 करोड़ रुपए भी नहीं चुकाए हैं। निगम इस रकम की वसूली के लिए कंपनी को नोटिस भी भेज रहा, जिनका कोई जवाब कोई नहीं मिला। इसलिए टेंडर की गारंटी मनी जब्त कर ली गई है। दूसरी तरफ जिन वेंडर्स दुबई तक चक्कर लगाकर खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। कंपनी के मालिक वेंडर्स से मिल तक नहीं रहे। उन्हें भारत में संपर्क करने को कहा जा रहा है, जबकि कंपनी के दिल्ली और अमृतसर के दफ्तरों पर ताले लगे हैं। कंपनी वेंडर्स से उधार करती थी। फिर अचानक काम छोड़कर चली गई और इनके पैसे नहीं चुकाए। कई वेंडर्स के लाखों रुपए बकाया हैं। निगम ने काम में लापरवाही पर अवर्डा को अगस्त 2024 से जुलाई 2025 के बीच करीब 1.17 करोड़ रुपए की पेनल्टी लगाई थी। वहीं जीएसटी डिपार्टमेंट ने निगम को अगस्त 2025 में सूचना दी कि कंपनी पर 5 साल का 1.34 करोड़ का जीएसटी बकाया है। निगम ने 5.50 करोड़ की गारंटी मनी जब्त करके वसूली पूरी कर ली, मगर जीएसटी विभाग के साथ ही वेंडर्स के लिए अपनी रकम निकलवाया टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। गौरतलब है कि अमृतसर में साल-2016 में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन- बायोरेमिडेशन व ट्रांसपोर्टेशन का टेंडर 25 साल के लिए एस्सल कंपनी को निगम ने दिया था। बाद में एस्सल ने यह ठेका अवर्डा को ट्रांसफर कर दिया। फिर कूड़ा उठान और बायोरेमिडेशन ढंग से न होने के कारण अवर्डा ने बीते अप्रैल माह में निगम को नोटिस दे दिया कि 22 अक्टूबर तक काम छोड़ देगी, मगर इस समय सीमा से पहले ही कंपनी 6 सितंबर को फरार हो गई। निजी तौर पर जो मुलाजिम कूड़ा उठान को लेकर हायर किए गए थे। उनकी भी करीब 2 माह के वेतन की देनदारी रहती है। अवर्डा कंपनी के पुराने अफसर पर हर बात के लिए दुबई संपर्क करने को कहते हैं। वहीं कंपनी के कारिंदे वेतन नहीं मिलने को लेकर डीसी ऑफिस और निगम दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। सूत्रों की मानें तो अवर्डा विदेशों में अलग-अलग नामों से कंपनी बनाकर काम कर रही है। एपी अर्थ मूवर्स/सनि फिलिंग स्टेशन के मालिक हरसिमरन सिंह और एक अन्य वेंडर्स बाबा सतनाम सिंह ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले बकाया राशि लेने के लिए अवर्डा कंपनी के मालिक से मिलने दुबई गए थे। मगर कंपनी का मालिक नहीं मिला। वहां कहा गया कि भारत में संपर्क करें। अमृतसर-दिल्ली में अवर्डा के दफ्तर बंद हैं। दुबई में कंपनी के मालिक उनसे मिल ही नही। अवर्डा कंपनी लीब्रियम ग्लोबल रिसोर्स के 2.28 करोड़, कविता इंटरप्राइजेज के 31.57 लाख, मैप एसोसिएट के 59.06 लाख, गुरु कृपा जेसीबी–टिप्पर के 99.47 लाख, बलराज सिंह टिप्पर–जेसीबी सप्लायर के 29.08 लाख, रनबीर सिंह टिप्पर–जेसीबी सप्लायर के 9.17 लाख, एपी अर्थ मोवर्स/सनि फिलिंग स्टेशन के 2.31 करोड़, एमआर फिलिंग स्टेशन के 1.25 करोड़, ढींगरा सीएनजी/ फिलिंग स्टेशन के 5.47 लाख और साईं लॉजिस्टिक पार्ट्स के 4.26 लाख रुपए बिना चुकाए चली गई है। वेंडर्स की पेमेंट से निगम को लेना-देना नहीं : मेयर ^वेंडर्स के पेमेंट के मामले में निगम का कोई लेना–देना नहीं। वेंडर्स कंपनी के खिलाफ लीगल कार्रवाई कर सकते हैं। जीएसटी और पेनल्टी भुगतान न चुकाने के बदले कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। -जतिंदर सिंह भाटिया, मेयर


