देश में चिकित्सा शिक्षा और डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर संसद में गुरुवार को पेश किए गए आंकड़े उत्साहजनक हैं। ये बताते हैं कि भारत में 811 लोगों पर 1 डॉक्टर उपलब्ध है। खास बात यह है कि उदयपुर की स्थिति और बेहतर है, जहां 627 लोगों पर 1 डॉक्टर है। जबकि विश्व स्वास्थ्स संगठन (डब्ल्यूएचओ) मानक के अनुसार 1000 लोगों पर 1 डॉक्टर होना ही चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में 13.86 लाख एलोपैथिक और 7.51 लाख आयुष चिकित्सक हैं। पिछले 10 वर्षों में मेडिकल कॉलेज 387 से बढ़कर 818 हो गए। यह 111% वृद्धि है। इसी अवधि में एमबीबीएस सीटें 150% बढ़कर 51,348 से 1,28,875 हो गईं। 5100 डॉक्टर और 11 हजार नर्सेज; भारत में 111 फीसदी बढ़े कॉलेज उदयपुर की आबादी 32 लाख, जबकि 5100 एलोपैथिक डॉक्टर व आयुष चिकित्सक और 11 हजार नर्सेज हैं। यहां 627 लोगों पर 1 चिकित्सक व 290 लोगों पर 1 नर्स है। इसके अलावा एक सरकारी समेत 6 मेडिकल कॉलेजों में 1100 नए चिकित्सक हर साल अलग से तैयार हो रहे हैं। देश में साल 2014 में जहां मेडिकल संस्थानों की संख्या 387 थी, वहीं एक दशक में यह बढ़कर 818 हो गई है। सरकार का मानना है कि नर्सिंग मानव संसाधन की यह क्षमता भारत को भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में मजबूती देगी।


