राजस्थान में वाटर स्पोर्ट्स के लिए सबसे ज्यादा संभावनाएं उदयपुर में हैं। यहां की फतहसागर झील कयाकिंग, कैनोइंग, ड्रैगन बोट जैसे खेल के नेशनल व इंटरनेशनल मुकाबलों के लिए सबसे अच्छा स्थान है। बस जरूरत है तो भारतीय खेल प्राधिकरण के सेंटर या वाटर स्पोर्ट्स एकेडमी की। अगर दोनों में से एक भी उदयपुर में शुरू होती है तो ओलिंपिक 2036 में उदयपुर से प्रतिभाएं भारतीय टीम में खेलेंगी। यह बात गुरुवार को खेलो इंडिया गेम्स में आए भोपाल के भारतीय खेल प्राधिकरण सेंटर के चीफ व पूर्व भारतीय टीम के कोच वागाराम विश्नोई ने कही। उन्होंने कहा कि उदयपुर में सुविधाएं नहीं होने से आज यहां के बच्चों को तैयारी के लिए दूसरे सेंटर पर जाना पड़ रहा है। पिछले 15 सालों से उदयपुर में कई नेशनल आयोजन हो चुके हैं। वहीं हाल ही में खेलो इंडिया गेम्स भी सफलता के साथ हुए जो उदाहरण है कि वाटर स्पोर्ट्स के लिए उदयपुर में कितनी संभावनाएं हैं। ऐसे में उदयपुर के प्रशासन व राजस्थान कयाकिंग व कैनोइंग संघ को इस दिशा में प्रयास करने चाहिए। विश्नोई ने उदयपुर में खेलो इंडिया के सफल आयोजन का श्रेय राजस्थान संघ के अध्यक्ष भगवान वैष्णव, सचिव दिलीपसिंह चौहान और उनकी टीम व खेल विभाग को दिया। भारतीय टीम का प्रशिक्षण कैंप उदयपुर में लगाने की योजना, संघ से स्वीकृति का इंतजार: आगामी नेशनल व इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिए अभी भारतीय टीम भोपाल में अभ्यास कर रही है। आगामी समय में उदयपुर में भी भारतीय टीम का प्रशिक्षण कैंप लगाने की योजना है। इसे लेकर जल्द ही भारतीय संघ निर्णय लेगा। अगर कैंप लगता है तो संसाधन भोपाल सेंटर से भेजे जाएंगे। वहीं भारतीय टीम के प्रदर्शन पर वागाराम ने कहा कि आज भारतीय टीम में सबसे ज्यादा खिलाड़ी भोपाल सेंटर से हैं। अभी भारतीय टीम एशिया में अच्छा कर रही है। इसे देखते हुए 2028 के ओलिंपिक में हमारी टीम क्वालिफाई कर लेगी। वहीं 2036 तक तो पदक भी लेकर आएंगे।


