पुष्पवाटिका कॉलोनी में रसोई गैस ब्लास्ट से 4 लोग घायल, दीवार, छत व खिड़कियां तक टूटी

पुष्पवाटिका कॉलोनी में गुरुवार सुबह करीब 7.30 बजे एक घर की रसोई में अचानक ब्लास्ट हो गया। हादसे में चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन एक ही परिवार के सदस्य और एक पड़ोसी महिला शामिल हैं। घायलों में शिक्षक जीतेंद्र, उनकी पत्नी आरती, डेढ़ वर्षीय पुत्र और पड़ोस की महिला गीता देवी हैं। सभी को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, जीतेंद्र अपने परिवार के साथ ग्यासी राम के मकान में किराए पर रहते हैं। वे मूल रूप से धौलपुर जिले के बसेड़ी थाना क्षेत्र के निवासी हैं और चिकसाना सीनियर सैकंडरी स्कूल में शिक्षक हैं। बताया गया कि सुबह आरती दूध गर्म कर बाहर निकली थी। इसके बाद रसोई में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि रसोई की दीवार और छतों में दरारें आ गईं, खिड़कियां व दरवाजे टूट गए और घर में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में गैस सिलेंडर पूरी तरह से सुरक्षित मिला। मौके पर पहुंची पुलिस टीम, एमओबी और एफएसएल की टीम द्वारा गैस रिसाव की जांच की गई। जांच में कहीं से भी गैस रिसाव की शिकायत नहीं मिली। ऐसे सभी जांच टीमें ब्लास्ट का कारण का पता लगाने के लिए जांच में जुटी हैं। एजेंसी ने दी सफाई, ग्राहक को ठहराया जिम्मेदार:- पुष्पवाटिका कॉलोनी गैस ब्लास्ट मामले में गैस एजेंसी संचालक रवि अग्रवाल ने बताया कि सिलेंडर से बार-बार गैस बंद होने की शिकायत पर नया सिलेंडर दिया गया था। दूसरे सिलेंडर को मशीन से चैक करने पर वाशर कटने की समस्या सामने आई, जिसे बदलने के बाद दोबारा जांच की गई और कोई खराबी नहीं मिली। अग्रवाल ने कहा कि ग्राहक को पूरी तरह संतुष्ट करने के बाद सिलेंडर दिया गया। घटना के बाद वे खुद मौके पर पहुंचे और सिलेंडर की जांच की, जिसमें कहीं से भी गैस रिसाव नहीं पाया गया। उनका कहना है कि ब्लास्ट की घटना ग्राहक की लापरवाही से हुई होगी। जिला रसद अधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि घटना के बाद गैस एजेंसी के गोदाम में जाकर गैस सिलेंडरों की जांच, जहां सब सही मिले। ब्लास्ट के बाद बिखर गेट के टुकड़े। पुष्पवाटिका कॉलोनी गैस ब्लास्ट मामले में नया तथ्य सामने आया है। घायल शिक्षक जीतेंद्र ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ब्रज गैस एजेंसी से सिलेंडर लिया था। उसमें गैस रिसाव और अचानक गैस बंद होने की समस्या आई। इसके बाद 3 दिसंबर को सिलेंडर बदलने पर एजेंसी ने दूसरा सिलेंडर दिया। लेकिन जांच में उसमें भी गैस रिसाव पाया गया। एजेंसी ने वाल का वाशर बदलकर वही सिलेंडर वापस कर दिया। जीतेंद्र के पिता का आरोप है कि एजेंसी की लापरवाही और दोषपूर्ण सिलेंडर देने से ही यह गंभीर हादसा हुआ। पीड़ित परिवार ने गैस एजेंसी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है कि पहले सिलेंडर में बार-बार गैस रिसाव और ऑटोमेटिक बंद होने की समस्या आती रही। सिलेंडर बदले जाने के बाद भी रिसाव की समस्या दोबारा सामने आई। दूसरे सिलेंडर से गैस रिसाव होकर रसोई में ब्लास्ट हो गया, जिसमें परिवार के तीन सदस्य और एक पड़ोसी महिला घायल हो गए।

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