जिले की दुग्ध उत्पादक सहकारी संस्था (सरस डेयरी) खुद सरकारी नियमों की अवहेलना कर संचालित की जा रही है। सरस डेयरी पर प्रदूषण मानकों के उल्लंघन को लेकर राजस्थान राज्य पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से 71 लाख 8 हजार 750 रुपए की जुर्माना लगाया जा चुका है, लेकिन बावजूद डेयरी बिना पॉल्यूशन प्रमाण पत्र के पिछले 12 साल से संचालन जारी रखे हुए हैं, जबकि एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) व टीटीजेड क्षेत्र में आने वाली में आने वाली सरकारी व गैर सरकारी फर्मों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए पर्यावरण विभाग से परमिशन लेना आवश्यक है। वर्ष 2009 में सरस डेयरी के प्लांट की नींव रखी गई थी व वर्ष 2013 में बनकर तैयार हुए प्लांट से दूध की सप्लाई का काम शुरू हुआ था। प्लांट स्थापित करने से लेकर संचालित करने तक आज तक पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से प्रमाण पत्र के लिए अप्लाई तक नहीं किया। जबकि डेयरी से निनकलने वाला अपशिष्ट जल निर्धारित मानकों के अनुरूप ट्रीट नहीं हो रहा था। इसके अलावा डेयरी बोल्डर गैस संचालित न होकर ज्यादा प्रदूषण पैदा करने वाले एलडीओ ( लाइट डीजल ऑयल) का इस्तेमाल कर संचालित की जा रही है, जो कि टीटीजेड व एनसीआर के मानकों को पूरा नहीं करता। इसी कारण सरस डेयरी भरतपुर द्वारा प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड 2 बार आवेदन निरस्त कर चुकी है। राजस्थान स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने कई बार सैंपलिंग कर रिपोर्ट भी भेजी जिसके आधार पर वर्ष 2023 में भारी जुर्माना लगाया था। इसके बाद भी न जुर्माने की राशि जमा कराई न ही इन 2 सालों में प्रमाण पत्र लिया, न ही प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को सुधारा। एक महीने पहले ही पॉल्यूशन डिपार्टमेंट में प्रमाण पत्र के अप्लाई किया है। राशि भी जमा करा दी है,जल्द ही प्रमाण पत्र मित्र मिल जाएगा। -राजेश नारायण जाट , (एमडी)


