दौसा की पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग का अपहरण व दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास व 1.50 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला 19 जनवरी 2024 को जिले के एक थाने में दर्ज हुआ था। रिपोर्ट में पीड़िता के पिता ने बताया था कि सुबह वह जगा तो उसकी नाबालिग बेटी घर पर नहीं मिली। जिसे आसपास तलाश किया लेकिन पता नहीं चला। काफी तलाश करने पर पता चला कि उसकी नाबालिग बेटी का रामावतार मीना अपहरण कर ले गया। पुलिस ने पॉक्सो समेत अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए अनुसंधान किया और आरोपी रामावतार मीना को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट में चार्जशीट पेश की। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए विशिष्ट लोक अभियोजक जितेन्द्र कुमार सैनी द्वारा विचारण के दौरान 17 गवाह व 29 दस्तावेज पेश किए गए। पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश रेखा राठौड द्वारा पेश किए गए गवाह व दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर पत्रावली का अवलोकन करते हुए आरोपी रामोवतार को दोषी करार दिया। जिसे मानते हुए धारा 363 में 7 वर्ष का कठोर कारावास व 50 हजार रूपये का अर्थदंड तथा 5/6 पोक्सो एक्ट में 20 वर्ष का कठोर कारावास व एक लाख रूपये के अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट ने उक्त जुर्माना राशि पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं।


