पहली बार महाकाल मंदिर की सुरक्षा में एक हजार जवान तैनात किए जाएंगे। इस पर 20 करोड़ रुपए सालाना खर्च होंगे। इसे श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति वहन करेगी। नई एजेंसी एक जनवरी से जिम्मेदारी संभाल लेगी। यह काम चार चरण में किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 20 दिसंबर से की जाएगी। वर्ष 2023 में महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा के लिए पहली बार निजी एजेंसी क्रिस्टल को दायित्व दिया गया था। तब तय हुआ कि कंपनी दो साल के लिए मंदिर परिसर, महाकाल लोक और प्रवेश द्वार के साथ अन्नक्षेत्र में 500 कर्मी तैनात करेगी। इसके बदले कंपनी को दो साल के लिए 20 करोड़ रुपए भुगतान किया गया। संबंधित कंपनी का कार्यकाल अगस्त 2025 में समाप्त हो गया था। नए टेंडर नहीं होने के कारण उसे चार महीने और काम करने के लिए कहा था। फेसिलिटी टेंडर बाकी : मंदिर की सुरक्षा की तरह अन्य फेसिलिटी जैसे सफाई, निर्माल्य उठाना जैसे काम के लिए मंदिर परिसर में एक और टेंडर होना बाकी है। वर्तमान में यह काम केएसएस एजेंसी संभाल रही है। उसका कार्यकाल भी अगस्त में पूरा हो गया है। मंदिर प्रशासक के अनुसार सुरक्षा एजेंसी की तैनाती के बाद जल्द ही फेसिलिटी टेंडर निकाले जाएंगे। 7 एजेंसी की रुचि, 4 का चयन, ड्रॉ से 1 को सौंपा काम अक्टूबर में सुरक्षा के लिए टेंडर बुलाए तो देशभर की सात बड़ी सुरक्षा एजेंसियों ने रूचि दिखाई। इनमें से चार का चयन हुआ। ड्रॉ के बाद कोर सुरक्षा एजेंसी को फाइनल किया है। प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार कंपनी के अफसरों ने बुधवार को मंदिर परिसर का दौरा किया था। उन्हें मंदिर की सुरक्षा, परिसर, प्रवेश और निर्गम के बारे में बताया। कंपनी की ओर से 20 दिसंबर से सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। उसके बाद आगामी तीन चरण में एक हजार जवान मंदिर में सुरक्षा प्रबंध देखेंगे।


