बीकानेर के सेरुणा थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ दुष्कर्म करने और बाद में उसे पानी की डिग्गी में फैंक देने का मामला दर्ज हुआ है। घटना शुक्रवार की है और मामला शनिवार को दर्ज हुआ है। पुलिस ने पहले इसे सामान्य दुर्घटना मानते हुए मर्ग दर्ज की थी लेकिन परिजनों के आक्रोशित होने पर दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज किया है। सेरुणा थाने के एक गांव में रहने वाली महिला ने अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि वो अपने खेत में परिवार के साथ रहती है। जहां उसकी एक 18 साल की बेटी भी रहती थी। खेत को ठेके पर दिया हुआ था। उसी ने दो मजदूरों को काम पर लगा रखा था। इसमें बेनीसर निवासी ओंकारनाथ सिद्ध व जोराराम नायक को मजदूरी के लिए बुलाया था। तीन दिसम्बर की रात करीब साढ़े दस बजे जोगराम नायक ने ढाणी में कमरे तक आकर बोला कि चाय पिला दो। तब महिला ने मना कर दिया लेकिन सर्दी ज्यादा होने की बात कहकर बार-बार चाय के लिए बोला तो चाय बना दी। तब तक जोगराम वहां से आगे निकल गया था। तब महिला ने अपनी बेटी को चाय देकर आने के लिए बोला। कुछ देर बाद बेटी के चिल्लाने की आवाज आई। आरोप है कि वो भागकर गई तो जोगराम और ओंकारनाथ बेटी को दबोच रखा था। विरोध करने और चिल्लाने पर उसे डिग्गी में फैंक दिया। महिला के साथ धक्का मुक्की की और वहां से भाग गए। पहले मर्ग दर्ज की घटना के बारे में पता चलने पर आसपास के लोगों ने आकर डिग्गी को तोड़कर उसका पानी बाहर निकाला, इसके बाद युवती का शव बाहर आया। जिसे मोर्चरी पहुंचाया गया। पुलिस ने इस सूचना पर सिर्फ मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी। परिजनों ने हत्या और दुष्कर्म का मामला दर्ज करने के लिए कहा लेकिन पुलिस नहीं मानी। इसके बाद शुक्रवार रात सेरुणा थाने पर पहुंचकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद देर रात एफआईआर दर्ज की गई। इन धाराओं में मामला दर्ज ये मामला भारतीय न्याय संहिता में दर्ज हुआ। जिसमें एक धारा भीड़ द्वारा हत्या से संबंधित है, जिसमें मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा है। वहीं दूसरी धारा दुष्कर्म की है, जिसमें बीस साल कारावास की सजा का प्रावधान है।


