खजुराहो के छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को राष्ट्रीय सेमिनार में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा कि न्याय केवल प्रक्रिया नहीं, बल्कि नैतिक दायित्व है। पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) गरीब और वंचित लोगों के लिए न्याय तक पहुंच का पुल हैं। सीजेआई ने कहा कि न्यायालय हर समय अस्पतालों की तरह 24 घंटे जरूरतमंदों के लिए उपलब्ध होना चाहिए। पीएलवी को सबसे पहले गरीब और वंचित नागरिकों का भरोसा जीतना होगा। भरोसा ही न्याय तक पहुंच का पहला कदम है। उन्होंने कहा कि न्याय की आत्मा समाधान के द्वार तक ले जाएं, तभी परिकल्पना साकार होगी। सीजेआई ने बताया कि जब भी गरीब तबके के लोगों को ताकतवर लोग परेशान करते हैं, वे न्याय के लिए कोर्ट में आते हैं। इससे आम लोगों की न्याय प्रणाली में आस्था स्पष्ट होती है। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जितेंद्र कुमार माहेश्वरी, मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक रुसिया मौजूद रहे।


