राजस्थान पहली बार कर रहा नेशनल हॉपकिडो चैंपियनशिप की मेजबानी:चित्तौड़गढ़ में 14 राज्यों की टीमों का जमावड़ा, 400 से ज्यादा खिलाड़ियों में होंगे मुकाबले

राजस्थान पहली बार नेशनल हॉपकिडो चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है। चित्तौड़गढ़ में महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज पहली बार एक बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। 6 और 7 दिसंबर को 9वीं चैंपियनशिप का आयोजन होने वाला है। देशभर के लगभग 14 राज्यों से 400 से भी अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, कोलकाता सहित कई राज्यों के खिलाड़ी अपने कौशल और फिटनेस का प्रदर्शन करेंगे। कोरिया का विश्वप्रसिद्ध मार्शल आर्ट है हॉपकिडो हॉपकिडो डेवलपमेंट एसोसिएशन राजस्थान के स्टेट कोच मास्टर मोहित वैष्णव ने बताया कि हॉपकिडो एक कोरियाई मार्शल आर्ट है, जिसमें आत्मरक्षा के लिए बेहद उन्नत तकनीकें सिखाई जाती हैं। इसमें ज्वाइंट लॉक, थ्रो, किक और पंच प्रमुख तकनीकें हैं। यह कला न केवल शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखती है, बल्कि आपात स्थिति में खुद की सुरक्षा करने की क्षमता भी बढ़ाती है। आज देशभर में हॉपकिडो तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और युवा इसे सीखने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। राजस्थान को पहली बार मिली मेजबानी यह आयोजन हॉपकिडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (HFI) के निर्देशन में करवाया जा रहा है। HFI अध्यक्ष मास्टर प्रेमजीत सेन और महासचिव मास्टर रजनीश चौधरी आयोजन की तैयारियों पर खुद नजर रख रहे हैं। इस बार राजस्थान हॉपकिडो डेवलपमेंट एसोसिएशन को मेजबानी मिली है और उसने पहली बार चित्तौड़गढ़ को राष्ट्रीय मंच के रूप में चुना है। तीन एरिना तैयार, हाई सिक्योरिटी व्यवस्था कॉलेज परिसर में खिलाड़ियों के लिए दो बड़े एरिना और एक वार्म-अप एरिना तैयार किए गए हैं। मैचों को न्यायपूर्ण और सुरक्षित तरीके से करवाने के लिए सख्त व्यवस्थाएं की गई हैं। सभी मुकाबले 3 मिनट के होंगे और अंतरराष्ट्रीय नियमों एवं पॉइंट सिस्टम के आधार पर खेले जाएंगे। पहले दिन सीनियर और मास्टर्स के मुकाबले, दूसरे दिन अंडर-18 पहले दिन 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग और मास्टर्स कैटेगरी के मैच होंगे, जिन्हें बेहद रोमांचक माना जाता है। दूसरे दिन अंडर-18, सब-जूनियर और किड्स कैटेगरी के मुकाबले करवाए जाएंगे। 5 साल से लेकर मास्टर्स कैटेगरी तक सभी आयु वर्ग प्रतियोगिता में शामिल होंगे। रेफरी ट्रेनिंग और परीक्षा भी साथ में प्रतियोगिता के दौरान नए रेफरीज़ के लिए सेमिनार और एग्जाम भी आयोजित किया जाएगा, ताकि भविष्य में देश में प्रशिक्षित और प्रमाणित रेफरीज की संख्या बढ़ सके। निंबाहेड़ा और चित्तौड़गढ़ से 70 खिलाड़ी उतरेंगे मैदान में स्थानीय स्तर पर इस इवेंट को लेकर खिलाड़ियों और परिवारों में जबरदस्त उत्साह है। निंबाहेड़ा और चित्तौड़गढ़ के 70 खिलाड़ी इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जा रहे हैं, जो जिले के खेल इतिहास के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। राजस्थान हॉपकिडो अध्यक्ष कुलदीप अरोड़ा की अहम भूमिका अध्यक्ष कुलदीप अरोड़ा लगातार तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी टीम व्यवस्था, सुरक्षा और सुविधाओं पर दिन-रात काम कर रही है ताकि यह आयोजन यादगार बन सके। जिले को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का सुनहरा मौका स्थानीय आयोजकों का कहना है कि यह सिर्फ खेल आयोजन नहीं, बल्कि चित्तौड़गढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का बड़ा मंच है। इससे जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी और आने वाले समय में हॉपकिडो की लोकप्रियता और बढ़ेगी।

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