वंचित वर्ग के अधिकारों और आरक्षण में उपवर्गीकरण लागू कराने की मांग को लेकर रविवार को जयपुर के पिंकसिटी प्रेस क्लब में एससी एसटी वंचित समाज की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंदोलन को तेज करने और प्रदेशभर में रथयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया। यह रथयात्रा 12 जनवरी को मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर से शुरू होगी। बैठक में संघर्ष को मजबूत बनाने के लिए कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए एससी एसटी समाज के युवा नेता विकास नरवार ने कहा- आजादी के इतने साल बाद भी वंचित वर्ग के कई समाज आरक्षण का वास्तविक लाभ नहीं ले पाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 1 अगस्त 2024 को आरक्षण उपवर्गीकरण लागू करने का आदेश दिया था, जिसे हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों ने लागू किया है। राजस्थान में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा- आरक्षण का फायदा कुछ समाजों तक सीमित रह गया है, जबकि जरूरतमंद वर्ग अब भी पिछड़ा हुआ है। एससी एसटी वंचित समाज अब राज्यभर में रथयात्रा निकालकर जन जागरूकता बढ़ाएगा। सरकार पर दबाव बनाएगा। आंदोलन की रूपरेखा और कार्यकारिणी का गठन
बैठक में राज्य के अलग-अलग जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वंचित वर्ग आरक्षण उपवर्गीकरण संघर्ष समिति राजस्थान के संयोजक अरविंद भील ने कहा- आंदोलन की विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है। रथयात्रा 12 जनवरी को भरतपुर से शुरू होकर प्रदेश के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए जनचेतना फैलाएगी। बैठक में कार्यकारिणी का गठन भी किया गया, जिसमें प्रमुख पदाधिकारी नियुक्त किए गए। प्रमुख प्रतिनिधियों की भागीदारी
बैठक में पूर्व विधायक जेपी चंदेलिया, सफाई आयोग के पूर्व अध्यक्ष किशन जैदिया, वाल्मीकि महापंचायत के प्रदेश संयोजक राजेश परोचिया, भील समाज के दुलीचंद भील, वाल्मीकि महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अमित कल्याणा सहित अन्य प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। रथयात्रा की तैयारी और 25 लोकसभा अध्यक्षों की घोषणा
बैठक में प्रदेशभर में रथयात्रा निकालने की योजना बनाई गई। साथ ही, 25 लोकसभा क्षेत्रों के अध्यक्षों के नामों की घोषणा की गई। यह यात्रा वंचित वर्ग को आरक्षण का पूरा लाभ दिलाने के लिए जनसहभागिता बढ़ाने का माध्यम बनेगी। एससी एसटी वंचित समाज ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द आरक्षण उपवर्गीकरण लागू किया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह आंदोलन व्यापक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।


