प्रतापगढ़ जिले ने ई-केवाईसी प्रक्रिया में 95.45 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज करते हुए राजस्थान में प्रथम स्थान हासिल किया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण और डिजिटल सत्यापन में मिली यह उपलब्धि जिले के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधार सीडिंग, गिव अप अभियान और नए आवेदनों की पारदर्शी स्वीकृति ने वास्तविक पात्र परिवारों तक लाभ पहुंचाने में प्रमुख भूमिका निभाई है। योजना के तहत प्रतापगढ़ जिले में पात्र परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं तथा अंत्योदय परिवारों को 35 किलो गेहूं निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में कुल 1,85,805 परिवार इस योजना से लाभान्वित हैं, जिनकी कुल सदस्य यूनिट संख्या 6,40,555 है। जिला रसद अधिकारी रामचंद्र शेरावत ने बताया कि 26 जनवरी 2025 से खाद्य सुरक्षा पोर्टल खुलने के बाद 20,287 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 15,561 आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, नवंबर 2024 से चलाए गए ‘गिव अप’ अभियान में 60,558 यूनिट को योजना से हटाया गया है। इससे पात्र परिवारों तक लाभ की पहुंच सुनिश्चित हुई है। जिले ने आधार सीडिंग में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। कुल यूनिटों में से 6,31,758 यूनिट का आधार सीडिंग पूरा हो चुका है, जो 98.63 प्रतिशत है। ई-केवाईसी में 6,10,979 यूनिट का सत्यापन पूरा करते हुए प्रतापगढ़ जिले ने 95.45 प्रतिशत के साथ प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।


