खरगोन जिले के सरवर देवला स्थित जवाहरलाल नेहरू सरकारी शुगर मिल में इस सीजन की गन्ना पिराई शुरू हो गई है। मिल शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में गन्ना कटाई का काम भी तेज हो गया है। इस वर्ष जिले में करीब 4919 हेक्टेयर में गन्ने की बुआई हुई है। अनुमान है कि लगभग 80 प्रतिशत गन्ना मिल तक पहुंचेगा। अधिकारियों का कहना है कि पिराई का सिलसिला लगभग तीन महीने चल सकता है। सबसे अधिक गन्ना नर्मदा पट्टी वाले क्षेत्र में बोया गया
सबसे अधिक गन्ना नर्मदा पट्टी वाले क्षेत्रों में बोया गया है। मिल शुरू होने से किसानों में उत्साह है, लेकिन कम उपज की समस्या भी सामने आ रही है। बोरावा के किसान त्रिलोकचंद सेठाना ने बताया कि उन्होंने दो जगह कटाई करवाई है, पर इस बार गन्ने में भराव कम मिल रहा है। उनका कहना है कि मजदूरों की कमी और कटाई में देरी पिछले कुछ सालों से गन्ना उत्पादन को प्रभावित कर रही है। सरवर देवला शुगर मिल में सिर्फ खरगोन ही नहीं, बल्कि बड़वानी और धार जिलों से भी गन्ने की आवक होती है। मिल प्रबंधन का कहना है कि किसानों से लगातार संपर्क में हैं और गन्ना खरीद सुचारू रूप से की जा रही है। गन्ने के रकबे में कमी आई
गन्ने के रकबे में पिछले वर्षों में कमी भी देखने को मिली है। आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में 4919 हेक्टेयर, 2022-23 में 8611 हेक्टेयर, 2021-22 में 6500 हेक्टेयर, 2020-21 में 6900 हेक्टेयर, जबकि 2019-20 में 4000 हेक्टेयर में गन्ने की खेती की गई थी। रकबे में उतार-चढ़ाव किसानों की बदलती परिस्थितियों और श्रमिकों की उपलब्धता पर निर्भर रहा है।


