मऊगंज जिले के शिवराजपुर में शुक्रवार दोपहर श्मशान भूमि न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने 75 वर्षीय छत्रपाल साकेत के शव को नईगढ़ी तहसील कार्यालय के सामने सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। साथ तहसील कार्यालय में ही अंतिम संस्कार करने के लिए लकड़ियां भी लेकर आए। छत्रपाल साकेत का बीती रात निधन हो गया था। जब परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित भूमि पर पहुंचे, तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान की भूमि पर निजी व्यक्तियों ने अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे अंतिम संस्कार में लगातार बाधा आ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो महीने में यह तीसरी ऐसी घटना है। तहसील कार्यालय के सामने रखीं चिता की लकड़ियां ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन केवल मौके पर पहुंचकर अस्थायी समाधान करता है, लेकिन स्थायी कार्रवाई नहीं होती। श्मशान भूमि आवंटित करने की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रदर्शन के दौरान, ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय के सामने ही चिता बनाने की तैयारी कर ली और अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां भी गिरा दीं। चक्का जाम के कारण नईगढ़ी मुख्य मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। काफी समय बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में रोष और बढ़ गया। जारी रहेगी प्रदर्शन सूचना मिलने पर एसडीएम राजेश मेहता, थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर और तहसीलदार नईगढ़ी सुनील द्विवेदी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने और स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक श्मशान भूमि के स्थायी समाधान का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शन की अन्य तस्वीरें…


