शौर्य संचलन निकाला, 3200 बजरंगियों ने त्रिशूल दीक्षा ली

राष्ट्रीय संयोजक दोनेरिया पत्रकारों से बातचीत में बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दोनेरिया ने कहा कि जहाजपुर में बेवाण पर पथवरा माामले में प्रशासन की नाकामी है। जब शोभायात्रा निकलने वाली थी तो वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई। रास्ते में जो अवैध निर्माण हैं, उसे समय रहते क्यों नहीं हटाया गया। अवैध निर्माण के चलते ही यह घटना हुई। अगर वहां अवैध निर्माण है तो प्रशासन को हटाना चाहिए। शहर में पिछले दिनों गाय की पूंछ काटकर मंदिर में फेंकने को लेकर कहा कि ऐसा करने के अपराध में पकड़े गए अपराधी को पुलिस ने पकड़ा, लेकिन उसे मंदबुद्धि करार दे दिया। बाबर से लेकर औरंगजेब तक ने देश में 30 हजार मंदिर तोड़े। अब उन्हें मांगने के लिए हिंदू कोर्ट जा रहे हैं। भीलवाड़ा . विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल त्रिशूल दीक्षा व शौर्य संचलन यात्रा भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के तत्वावधान में रविवार को भीलवाड़ा महानगर का त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम हरिशेवा धर्मशाला में हुआ। संतों, विहिप एवं बजरंग दल के राष्ट्रीय व स्थानीय पदाधिकारियांे की मौजूदगी में 3200 बजरंगियों ने त्रिशूल दीक्षा लेकर सनातन समाज व राष्ट्र की रक्षा का संकल्प लिया। 12 साल के बच्चों से लेकर 45 साल तक के युवा बजरंगियों ने त्रिशूल धारण िकया। इससे पहले शहर में पहली बार शौर्य संचलन निकाला गया। विहिप के जिलाध्यक्ष रामप्रकाश बहेड़िया ने बताया कि हरिशेवा धर्मशाला से शौर्य संचलन शुरू हुआ। कई जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम को बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दोनेरिया, मुख्य अतिथि इंदरपाल सिंह, हरिशेवाधाम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम महाराज, निंबार्क आश्रम के महंंत मोहनशरण शास्त्री, काठिया बाबा आश्रम के महंत बनवारी शरण, गुलाबदास महाराज, विहिप जिलाध्यक्ष रामप्रकाश बहेड़िया, गणेश प्रजापत, विनित द्विवेदी, मीठूलाल स्वर्णकार, ओमप्रकाश बूलिया, बालमुकुंद, भारत गेंगट ने संबोधित किया। अखिलेश व्यास, प्रीतेश जैथलिया आदि उपस्थित थे। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम महाराज ने कहा कि सनातन व संस्कृति की रक्षा के लिए शास्त्र के साथ शस्त्र भी जरूरी है, इसीलिए बजरंग दल त्रिशूल दीक्षा दिला रहा है। वर्तमान में शास्त्र से अधिक शस्त्र की आवश्यकता है। जिस तरह घर-घर रामायण व भगवत गीता रखी जाती है, उसी तरह हर घर में शस्त्र भी होना आवश्यक है। भारत के देव स्थलों की सुरक्षा के लिए एक हाथ में शास्त्र तो दूसरे हाथ में शास्त्र जरूरी है। सनातनियों को जात व पंथ छोड़कर एक रहना होगा तभी संस्कृति की रक्षा संभव होगी। विनित द्विवेदी ने कहा कि त्रिशूल दीक्षा लेने वालों का संकल्प है कि हमें बंटना नहीं बल्कि एकजुट होकर रहना है। मुख्य अतिथि इंद्रपाल सिंह ने कहा कि सनातनियों को अपनी रक्षा के लिए कृपाण व त्रिशूल रखना ही होगा। चुनौतियां बजरंग दल का भोजन, जो अब बन गया इसका स्वभाव व अभ्यास: दोनेरिया त्रिशूल दीक्षा समारोह में बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दोनेरिया ने कहा कि चुनौतियां बजरंग दल का भोजन माना जाता है, जो अब उसका स्वभाव व अभ्यास बन गया है। बजरंग दल देशभर में त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम कर रहा है, उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड लैंड जेहाद कर रहा है। ऐसे में बजरंग दल देश व धर्म की रक्षा के लिए काम कर रहा है। जहाजपुर प्रकरण को लेकर उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण में प्रशासन का फेलियर है। मंदिरों से सरकारी हस्तक्षेप समाप्त करने के लिए भी आंदोलन किया जाएगा।

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