समाज को शिक्षा, रोजगार और संस्कारों को बढ़ावा देने को प्राथमिकता देनी चाहिए। ये बातें रविवार को विप्र फाउंडेशन झारखंड के पदाधिकारियों की बैठक में कोलकाता से आए संस्थापक संयोजक सुशील ओझा ने कही। उन्होंने रांची में बच्चों की पढ़ाई के लिए ही लर्निंग सेंटर बनाने का प्रस्ताव दिया। इस केंद्र की शुरुआत उन्होंने मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के सहयोग से करने की बात कही। ई-लर्निंग सेंटर युवाओं के लिए शिक्षा को बढ़ावा देने का इससे बड़ा प्रकल्प नहीं होगा इसकी व्यवस्था नि:शुल्क होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जयपुर में 7000 वर्ग फुट पर परशुराम ज्ञानपीठ खोला जा रहा है, जो शिक्षा का अलख जलाएगा। उन्होंने झारखंड में संगठन का विस्तार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विवाह और संस्कार अपने ब्राह्मण समाज के 17 गोत्रों में ही करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से बातचीत कर झारखंड के टांगीनाथ धाम का विकास मिलकर पूरा किया जाएगा। विप्र फाउंडेशन झारखंड ने उन्हें बिरसा मुंडा का स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। बैठक में अध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा, संगठन मंत्री अजय दाधीच, उपाध्यक्ष निरंजन शर्मा, शशांक भारद्वाज, अमित शर्मा, प्रदीप शर्मा, पवन शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा, प्रमोद सारस्वत, मनोज शर्मा समेत काफी संख्या में समाज के सदस्य मौजूद थे। शाम में समाज के प्रबुद्ध लोगों के साथ विचार गोष्ठी की गई, जिसमें झारखंड में सामाजिक कार्यों में समाज किस तरह सहभागिता निभाएं पर चर्चा हुई।


